जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे छह गांवों को केंद्र सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2’ में शामिल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य इन गांवों में विकास ढांचे को मजबूत करना और सभी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।
अधिकारियों के अनुसार, बॉबिया, कडयाला, गजनाल, करोल कृष्णा, रथुआ और गुज्जर चक गांवों को इस योजना के तहत चिन्हित किया गया है। इन गांवों की स्थिति और विकास योजनाओं की समीक्षा एक बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा ने की।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए और नियमित रूप से उनकी निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है ताकि योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई दे।
उन्होंने स्थानीय लोगों की भागीदारी पर भी जोर देते हुए कहा कि बिना समुदाय की सहभागिता के विकास योजनाओं को टिकाऊ नहीं बनाया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने फील्ड स्तर पर सत्यापन कर योजनाओं में मौजूद खामियों को दूर करने और अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
इसी बीच राजोरी जिले के नौशेरा क्षेत्र में ‘ब्लॉक दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां लोगों ने अपनी समस्याएं और मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों ने बिजली ट्रांसफार्मर, जल जीवन मिशन की सुचारू कार्यप्रणाली, स्कूलों में सुविधाएं, मनरेगा भुगतान और कृषि सहायता जैसी कई मांगें उठाईं।
लोगों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बंकर निर्माण, आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने और पेयजल व स्वच्छता सुविधाओं में सुधार की भी मांग की। अधिकारियों ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेने और समाधान की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया।