शोपियां एपल क्लस्टर शोपियां सेब को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्री-प्रोडक्शन-प्रोडक्शन, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट और वैल्यू एडिशन और लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और ब्रांडिंग सहित तीन वर्टिकल पर विकास की परिकल्पना करता है।
शोपियां जिले में सेब के लिए केंद्र ने समूह विकास कार्यक्रम के तहत 135 करोड़ रुपये के क्लस्टर को मंजूरी दी है। दिल्ली में इंडिया कोल्ड चेन कॉन्क्लेव में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव मनोज आहूजा ने इसकी घोषणा की। शोपियां एपल क्लस्टर शोपियां सेब को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्री-प्रोडक्शन-प्रोडक्शन, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट और वैल्यू एडिशन और लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और ब्रांडिंग सहित तीन वर्टिकल पर विकास की परिकल्पना करता है।
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परियोजना की व्यापक रूपरेखा के बारे जानकारी देते हुए कृषि उत्पादन विभाग के आयुक्त सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि कृषि उत्पादन विभाग ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और ग्रांट थॉर्टन के तकनीकी सहयोग से शोपियां जिले में टेंडर जारी किया था। इस प्रक्रिया में मैसर्स एफआईएल परियोजना के लिए सफल कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में उभरी है।
इस परियोजना पर 135.23 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें से लगभग 37.05 करोड़ रुपये केंद्र द्वारा अनुदान सहायता के रूप में प्रदान किए जाएंगे। प्रभावी एजेंसी 29.91 करोड़ रुपये की इक्विटी प्रदान करेगी और 68.27 करोड़ रुपये का टर्म लोन जुटाएगा। इस परियोजना के चार साल में लागू होने की उम्मीद है और इससे शोपियां जिले के बागवानी पारिस्थितिकी तंत्र के परिदृश्य को बदलने की उम्मीद है।