अपनी मशरूम उत्पादन इकाई में काम करती मशरूम लेडी शक्ति शर्मा। स्रोत : स्वयं
कठुआ। जिले के पल्ली गांव की शक्ति शर्मा ने मशरूम लेडी के रूप में अपनी पहचान बना ली है। वर्ष 2017 में सिर्फ 100 बैग्स से बटन मशरूम की खेती शुरू करने वाली शर्मा ने अपने अथक प्रयासों से आज 5 हजार बैग्स तक का सफर तय किया है। आज मशरूम के उत्पादन से 5 लाख के लाभ तक पहुंच चुकी है।
अपने इस सफर के दौरान उन्होंने मशरूम की अचार बनाकर उसे ‘कठुआ खेती’ ब्रांड के तहत बाजार में उतारा है। इससे कृषि नवाचार की पहचान बनी है। इसके साथ उन्होंने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी बटन मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दिया है, जिससे आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम हुई है।
शर्मा सीजन में बीट रूट और पालक के बीज तैयार करती हैं और उनसे न्यूट्रिशनल वैल्यू एडेड उत्पाद बनाकर स्थानीय स्तर पर बेचती हैं। स्थानीय बड़ी निर्माण से भी उनका आर्थिक मॉडल मजबूत हुआ है। खेती से जुडे़ उनके इस काम को राष्ट्रीय और जिला स्तर पर सराहना भी मिली है। जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और जिलाधिकारी डॉ. राकेश मिन्हास द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जा चुका है।
महिला सशक्तिकरण की प्रतीक शक्ति शर्मा न केवल एक सफल एग्रीप्रेन्योर हैं, बल्कि महिला स्वयं सहायता समूह पल्ली की सक्रिय सदस्य भी हैं। उन्होंने महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और नेतृत्व का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
-पूजा अंदोत्रा, महिला सहायता ग्रुप की नोडल अधिकारी, कृषि विभाग