जम्मू कश्मीर पुलिस के रिटायर्ड मुलाजिमों ने वेतन विसंगतियों पर रोष स्वरूप आंदोलन की चेतावनी दी है। शहर के शहीद भगत सिंह पार्क में एकत्रित रिटायर्ड मुलाजिमों ने दो टूक कहा कि दशकों से वह वेतन आयोग की खामियों को दूर करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बाकायदा न्यायालय आदेश जारी हो चुका है लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं की गई है। जल्द ही सरकार ने यदि उचित कदम नहीं उठाया तो रिटायर्ड पुलिस कर्मियों को जम्मू सचिवालय घेराव करने से भी परहेज नहीं होगा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे ऑल रिटायर्ड पुलिस पर्सनल फोरम के अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने कहा कि वर्ष 1996 में लागू हुए पांचवें वेतन आयोग में पुलिस विभाग के हैडक्लर्क और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के रैंक का दर्जा घटा दिया गया।
व्यापक वेतन विसंगति के लिए पुलिस विभाग के तमाम अधिकारियों से गुहार लगाई गई लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। आखिरकार मामले को न्यायालय के ध्यान में लाया गया। कोर्ट ने तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर वेतन आयोग की विसंगति से प्रभावित कर्मियों को राहत देने का आदेश जारी किया लेकिन आज तक सरकार ने पुलिस कर्मियों की सुनवाई नहीं की है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सेना और पुलिस कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद से लड़ रहे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस को पैरामिलिट्री फोर्स का दर्जा दिया जाना चाहिए। साथ ही जल्द से जल्द वेतन विसंगतियों को दूर कर वर्ष 1996 के प्रभाव से लाभ दिया जाना चाहिए।
यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगामी पांच दिसंबर को जम्मू में बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। इसके बाद जम्मू सचिवालय का घेराव भी किया जा सकता है।