सरकार द्वारा रहबर-ए-तालीम (आरईटी) शिक्षकों का टेस्ट लेने की बात का विरोध कर रहे शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आल जेके रहबर-ए-तालीम टीचर्स फोरम के बैनर तले शहीद भगत सिंह पार्क से जिला सचिवालय तक रैली भी निकाली और जिला उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार तब तक उन्हें उनका हक नहीं देगी वह विरोध जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों को नेतृत्व कर रही बीना देवी ने कहा कि सरकार ने जब उन्हें शिक्षक के तौर पर नियुक्त किया तो उनके एसआरओ में साफ लिखा गया था कि पांच साल के कार्यकाल को पूरा करने वाले आरईटी शिक्षकों को विलेज एजुकेशन कमेटी की सिफारिश पर नियमित किया जाएगा।
नियमित हुए आरईटी शिक्षक को जनरल लाइन शिक्षक बनाया जाएगा, लेकिन पंद्रह साल से अपना काम कर रहे आरईटी शिक्षकों को अब सरकार फर्जी डिग्री और टेस्ट के नाम पर प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी आरईटी शिक्षक की डिग्री फर्जी है तो उसे बाहर किया जाना चाहिए।
सरकार के इस फैसले का स्वागत भी किया जाएगा। यदि टेस्ट के नाम पर शिक्षकों को प्रताड़ित किया गया तो वह इसे सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही एसआरओ को तोड़कर शिक्षकों को प्रताड़ित कर रही है।
राजकुमार ने कहा कि सरकार ने यदि फर्जी डिग्री के शिक्षकों को बाहर करना है तो पहले इस बात का प्रमाण लाए कि शिक्षकों की डिग्री फर्जी है। लेकिन टेस्ट के नाम पर प्रताड़ना सहन नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही सरकार को साफ करना होगा कि आरईटी शिक्षकों को सरकार वेतन के नाम जो पैसे देती है उसे बढ़ाया कब जाएगा। प्रदर्शनकारियों में विनोद कुमार, रमेश कुमार, तारा चंद आदि भी उपस्थित रहे।