रेलवे रोड की खस्ताहालत के विरोध में रविवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा लोक निर्माण विभाग के खिलाफ फूट पड़ा।
लोगों ने विभाग के खिलाफ रेलवे स्टेशन के पास एकत्रित होकर जोरदार नारेबाजी की और चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द रोड की हालत नहीं सुधारी गई तो वे हाईवे जाम कर देंगे।
प्रदर्शनकारी अर्जून सिंह, बोधराज, रमेश कुमार आदि ने कहा कि पिछले दो वर्ष से सड़क की हालत काफी खराब हो चुकी है। वर्ष 2015 के अक्तूबर महीने में लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने रोड पर तारकोल बिछाने के साथ इसके दोहरीकरण के लिए लोगों को आश्वस्त किया था, लेकिन ऐसा हुआ था।
अक्तूबर में अधिकारी ने कहा था कि साल के अंत तक मार्ग पर तारकोल बिछा दी जाएगी। लेकिन डेढ़ महीना बीतने के बाद भी सड़क की हालत ज्यों की त्यों बनी हुई है।
लोगों ने कहा कि शाम के समय तो हाईवे से मुड़ते ही रेलवे रोड पर जाम जैसी स्थिति होती है। कई बार नगर परिषद और स्थानीय पुलिस प्रशासन से भी जाम की स्थिति से निपटने के लिए नो पार्किंग जोन बनाने की गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है।
लोगाें ने कहा कि रेलवे रोड़ होने के साथ औद्योगिक इकाइयों के अधिकतर ट्रक भी इसी रास्ते से आते जाते हैं। ऐसे में रोड पर बने गड्ढे कब बढ़े हादसे को न्योता दे डालें कहा नहीं जा सकता।
प्रदर्शनकारियों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी का तबादला हुआ था लेकिन उसके बाद जो नए कार्यकारी अधिकारी आए उन्हें भी खस्ताहालत रोड के बारे में अवगत करवाया गया। लेकिन, सिवाय कोरे आश्वासनों के कुछ नहीं मिला है।
ऐसे में अब अगर जल्द ही रोड की हालत नहीं सुधारी गई तो हाईवे जाम किया जाएगा।