त्योहार के सीजन में हलवाई और अन्य दुकानों पर छापेमारी करने के साथ मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने गई नगर परिषद की टीम को दुकानदारों के रोष का सामना कर पड़ गया।
दुकानदारों ने टीम के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि पहले नगर परिषद कार्यप्रणाली को सुधारे उसके बाद अतिक्रमण और अन्य मामलों पर दबिश दे।
शुक्रवार की दोपहर नगर परिषद की टीम ने जब मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की तो स्थानीय दुकानदारों ने इकट्ठा होकर टीम का घेराव कर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब आधे घंटे तक दुकानदारों और टीम सदस्यों के बीच बहस मुबाहिसा होता रहा। नारेबाजी कर रहे दुकानदारों ने कहा कि टीम हर साल त्योहार के सीजन में छापेमारी करती है और बाजार से अतिक्रमण हटाती है लेकिन टीम पहले इस बात का जवाब दे कि नगर परिषद ने बाजार को साफ रखने के लिए क्या किया है।
सालों पहले बनी बाजार की गली की फिर से मरम्मत नहीं करवाई गई। रोजाना गंदगी को उठाने के लिए सफाई कर्मचारी तक नहीं आते और न ही बाजार में कूड़ेदान हैं।
बाजार में आने वाले लोगों को सबसे पहले गंदगी और गड्ड़ों से पटी गली से दो चार होना पड़ता है। जिसके कारण खरीदार बाहर से ही सामान खरीदकर चला जाता है। अगर कभी दुकानदार स्वयं सफाई कर दें और कूड़े को जलाएं तो सफाई कर्मचारी उन पर भड़कते हैं।
दुकानदारों ने टीम को बाजार की शुरूआत में लगे कूड़ेदान और गड्डों के पास ले जाकर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें कार्रवाई करनी है तो पहले इन समस्याओं से निजात दिलाएं।
उसके बाद अगर कोई कार्रवाई करनी है तो विभाग कर सकता है। टीम का नेतृत्व कर रहे तहसीलदार जितेंद्र मिश्रा ने दुकानदारों को आश्वस्त किया कि वह समस्याओं का समाधान करेंगे जिसके बाद टीम अपनी कार्रवाई शुरू कर पाई।