प्रदूषण नियंत्रण मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर सख्ती की तैयारी की जा रही है। शहर से सटे इलाकों में तीन इकाइयों के लिए तो क्लोजर नोटिस जारी कर दिया गया है।
जिला उपायुक्त कठुआ के माध्यम से इस बाबत आदेश को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय कार्यालय को रेफर कर दिया गया है। इन इकाइयों की किसी भी समय तालाबंदी की जा सकती है।
यही नहीं प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अवहेलना करने वाली कई अन्य इकाइयों की बोर्ड अपने स्तर पर जांच करने और उसके बाद उचित कार्रवाई का भी मन बना रहा है।
बोर्ड के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुंजवां में राइस मिल, सन्याड़ी में चारकोल भट्ठी और हीरानगर में एक टाइल निर्माता इकाई के नाम से क्लोजर नोटिस जारी किया गया है।
बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि तीनों ही इकाइयों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेने के लिए आवेदन तक नहीं किया है जबकि एनओसी लेना अनिवार्य है।
जिला उपायुक्त ने क्लोजर नोटिस संबंधी निर्देश तहसीलदार को दिए जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी इस बाबत सूचना मिल गई है।
वहीं कई अन्य इकाइयों के खिलाफ लगातार मिल रहीं प्रदूषण संबंधी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए बोर्ड ने नए सिरे से जांच का मन बनाया है।
इस कवायद के तहत बोर्ड के स्थानीय कार्यालय से प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के मामले साइंटिफिक लैब को रेफर किए जाएंगे। लैब फिर अपने स्तर पर जांच कर प्रदूषण के पैमाने का पता लगाकर जरूरी कार्रवाई के लिए आधार तैयार करेगी।