प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता राकेश चौधरी ने कहा कि अक्सर गर्मी के मौसम में लोगों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ता है। मोटे बिल भरने के बावजूद लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा कि इस बार तो विद्युत विभाग ने जिनके घरों में एसी नहीं है, उन्हें भी एसी के बिल भेजे हुए हैं। जिन लोगों का बिल 500 और 700 के बीच आता था, इस बार 1800 से 2100 तक आया है।
उन्होंने कहा कि इसके पीछे विभाग की कोई साजिश लगती है ताकि अधिक रेवेन्यू इकट्ठा किया जाए। प्रदेश प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए। किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि एक तरफ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है तो ऐसे में अघोषित बिजली लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। पंपसेट से खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण धान की फसल के खराब होने का खतरा बना हुआ है क्योंकि इस बार बारिश भी बहुत कम हुई है। प्रदर्शनकारियों ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अघोषित बिजली कटौती बंद न की गई और गलत बिलों को दुरुस्त नहीं किया गया तो वे संघर्ष और तेज करेंगे। प्रदर्शन में मखनी बंदराल, अनु, पवन सिंह, कुलदीप शर्मा, अभिनंदन दुबे और पवन सैनी आदि शामिल रहे।