कठुआ। जल शक्ति विभाग में सेवारत कर्मचारियों ने विभाग के उच्चाधिकारियों पर तुगलकी फरमान जारी कर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष जमा हुए दर्जनों कर्मचारियों ने पीएचई एंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया।
इस मौके पर एसोसिएशन के प्रधान कुलदीप राज ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन में करीब चार वर्ष पूर्व बढ़ोतरी हुई थी। जिसे विभाग के अधिकारियों से वापस लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के लिए गए इस फैसले के खिलाफ कर्मचारी संगठन न्यायालय की शरण में गए। और, वहां से अब तक जो निर्णय आया है, वह कर्मचारियों के हित में है। उसके बावजूद विभाग के अधिकारी न्यायालय के आदेश को भी दरकिनार कर अपनी मनमानी करने का प्रयास कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो उनके पास धरना प्रदर्शन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। लिहाजा सरकार टकराव का रास्ता छोड़कर कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाए। जिससे विभाग के कामकाज में कोई अड़चन न आए।
कुलदीप ने कहा कि विभाग में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों के बारे में भी सरकार को सुध लेनी चाहिए। खासकर ऐसे कर्मचारी जो अपनी आयु 60 वर्ष पूरी कर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कम से कम उनका पिछले 50 महीने का बकाया वेतन उन्हें दिया जाए। ताकि, सेवानिवृत्त होने के बाद वह अपने जीवन को ठीक से चला सके। इसके अलावा विभाग में सेवा दे रहे सीपी वर्करों, आरटीआई वर्करों को नियमित किया जाए। प्रदर्शन में राकेश कुमार, हरबंस लाल, विजय कुमार, दारा नाथ, विजय शर्मा, गोपाल सिंह, मुनीर अहमद, शिवराम, गगनदीप, आदि उपस्थित रहे।