खनन की कथित मौखिक अनुमति के बाद प्रशासनिक कार्रवाई पर शुक्रवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान डीडीसी सदस्य तेजिंदर सिंह गोल्डी के नेतृत्व में ट्रैक्टर ट्राली चालकों और स्थानीय लोगों ने एडीसी कार्यालय परिसर में हंगामा किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से लेकर एडीसी कार्यालय तक रोष रैली निकाली। इसके बाद मामला नहीं सुलझा तो नगरोटा प्रेता के नायब सरपंच अजीत सिंह के नेतृत्व में लोगों ने बसोहली बस अड्डे के बैरियर के समीप धरना देकर करीब दो घंटे तक चक्का जाम रखा। बसोहली-कठुआ व बसोहली बनी मार्ग पर यातायात भी ठप रखा।
प्रदर्शनकारियों ने एडीसी कार्यालय में प्रशासन के खिलाफ घूसखोरी के आरोप लगाए कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को खनन करने की अनुमति दी जा रही है, जबकि छोटे लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। यह प्रशासन की मिली भगत से हो रहा है। एडीसी कार्यालय में अधिकारियों पर लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर गहमागहमी भी हुई। हालांकि एडीसी ने इन आरोपों को गलत करार दिया है। वहीं सुबह प्रदर्शन कर रहे लोग इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कब माइनिंग विभाग के डीएमओ उनके बीच पहुंचेगे और लोग उनसे सवाल करें। प्रदर्शन के दौरान मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। बाद में पुलिस ने यातायात को बहाल करवाया। हालांकि जब लोगों की मांगें पूरी नहीं हुई तो उन्होंनेेेेे दोपहर बाद फिर से बसोहली-बनी व बसोहली-कठुआ मार्ग पर यातायात अवरुद्ध कर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर जताया रोष
बसोहली ब्लाक की बीडीसी चेयरमैन सुषमा जमवाल, शीतलनगर ब्लाक के बीडीसी चेयरमैन शंकर सिंह समेत पंच-सरपंच, समाजसेवी संजय राजदान और अन्य प्रदर्शनकारी दोपहर बाद फिर से प्रदर्शन पर अड़े गए। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व संजय राजदान ने किया। करीब तीन घंटे सड़क पर बैठे रहे। दोनों ब्लॉकों के बीडीसी चेयरमैन ने प्रशासनिक अधिकारियों के ना पहुंचने पर रोष जताया। संजय राजदान ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को महिला बीडीसी चेयरमैन तक की परवाह नहीं है। शीतलनगर ब्लॉक के चेयरमैन ने कहा कि जिन ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ा गया वह खाली थीं। डाली खड्ड में कोई भी अपनी मर्जी से नहीं गया था। एडीसी के कहने पर ट्रैक्टर चालक वहां गए थे। ठेकेदार धड़ल्ले से माइनिंग कर रहे हैं। उन पर कोई अंकुश नहीं है। एलजी से माइनिंग ब्लॉक बनाने व डाली खड्ड खोलने की मांग की।
एडीसी को बुलाने की मांग पर अड़े धरने पर बैठे लोग
धरने पर बैठे लोगों ने एडीसी को बुलाने की मांग की, जब वह नहीं पहुंचे तो लोगों ने नाराजगी जताई और मुर्दाबाद के नारे लगाए। हालांकि तहसीलदार नायब तहसीलदार लोगों को समझाने पहुंचे थे। लेकिन लोग एडीसी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। शाम 7:00 बजे तक एडीसी लोगों के बीच नहीं पहुंचे थे। इस कारण प्रदर्शन जारी रहा।
पकड़े गए ट्रैक्टर ट्र्रालियों का चालान न करने की मांग
प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने पहुंचे थाना प्रभारी अश्वनी ढिंगरा व नायब तहसीलदार जाकिर हुसैन से प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जो ट्रैक्टर पकड़े गए हैं उन्हें चालान न किए जाएं, क्योंकि जितने भी ट्रैक्टर चालक हैं सब बैंक से कर्ज लेकर रोजगार चला रहे हैं। चालान की रकम अदा करने मे वह असमर्थ हैं। वहीं चेयरमैन शंकर सिंह, नायब सरपंच अजीत सिंह ने कहा कि अगर पुलिस द्वारा डाली खड्ड में पकड़े गए ट्रैक्टर ट्रालियों का अगर चालान किया जाता है तो यह विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहेगा।
शाम सात बजे प्रदर्शन हुआ और भी उग्र
शाम करीब सात बजे तक जब बार-बार बुलाने पर भी एडीसी व माइनिंग विभाग के डीएमओ लोगों के बीच नहीं पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए। एडीसी कार्यालय में पहुंचे डीएमओ जब लोगों के बीच नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ भी नारेबाजी की। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने किसी भी वाहन को वहां से गुजरने नहीं दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एडीसी का तबादला करने की मांग भी की।
तहसीलदार के आश्वासन के बाद शांत हुए सभी
प्रदर्शनकारियों के बीच शाम साढे़ सात बजे पहुंचे तहसीलदार अमन आनंद ने प्रदर्शनकारियों को यह कहकर शांत करवाया कि जितने भी ट्रैक्टर ट्राली पकड़े गए हैं, उनका चालान नहीं किया जाएगा। लोगों को अवैध खनन न करने की चेतावनी दी। वहीं लोगों ने एडीसी को लोगों के बीच न पहुंचने पर भी रोष जताया।