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दस माह बाद कठुआ जिला कोरोना मुक्त, लखनपुर रेड जोन में

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10 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिला कोरोना मुक्त हो गया है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से जारी कोरोना अपडेट में जहां नया कोई भी मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है, वहीं जिले में एकमात्र कोरोना संक्रमित की रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है। हालांकि लखनपुर अभी रेड जोन में है।
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21 अप्रैल 2020 को कठुआ जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला हीरानगर सब डिवीजन छन्न खत्रियां से रिपोर्ट हुआ था, जबकि जिले में कोरोना से पहली मौत 29 जून 2020 को बसोहली से रिपोर्ट हुई थी। पिछले दस माह के भीतर जिले में 3256 कोरोना संक्रमित पाए गए थे, जिनमें से 53 लोगों की जान कोरोना के चलते गई है। संक्रमित पाए गए लोगों में 853 लोग यात्रा इतिहास के साथ रहे।
जिले में तेजी से चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान के बीच यह बड़ी राहत की खबर है। क्योंकि प्रदेश का प्रवेशद्वार होने के चलते कठुआ जिले को प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिलों में से एक माना जा रहा था। उधर, लखनपुर कॉरिडोर में भी 11 जनवरी के बाद एक भी यात्री को संक्रमित नहीं पाया गया है। हालांकि एक महीना बीतने के बाद भी लखनपुर में प्रतिबंधों का सिलसिला जारी है।
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कोरोना टीकाकरण अभियान के बीच शुक्रवार को जिले में 614 फ्रंट लाइन वर्करों और 106 स्वास्थ्य कर्मियों को पहली डोज दी गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ नीरज नागपाल ने बताया कि इस दौरान जीएमसी कठुआ में 28 स्वास्थ्य कर्मियों के अतिरिक्त 142 फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना के टीके लगाए गए। वहीं नगरी परोल में 3 स्वास्थ्य कर्मियों के साथ 78 फ्रंट लाइन वर्करों, बसोहली में 2 स्वास्थ्य कर्मियों के अतिरिक्त 35 फ्रंट लाइन वर्करों को डोज दी गई है।
बिलावर में 38 स्वास्थ्य कर्मियों और 18 फ्रंट लाइन वर्करों, हीरानगर में 11 स्वास्थ्य कर्मियों और 94 फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना टीकाकरण किया गया है। बनी में 24 स्वास्थ्य कर्मियों और 47 फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना टीके की डोज दी गई है। इसी तरह से लखनपुर पीएचसी में 200 फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना के टीके लगाए गए हैं।
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