केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आवाहन पर होनेवाली देशव्यापी हड़ताल से कठुआ भी अछूता नहीं रहा। वीरवार को विभिन्न संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल में शिक्षक, आंगनबाड़ी वर्कर और किसानों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सरकार से श्रम विरोधी कानून को वापस लिए जाने की मांग उठाई। संगठनों के वक्ताओं ने कहा कि सरकार के जनविरोधी फैसले से पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे आम आदमी की कमर टूट जाएगी। लोगों का सरकार से विश्वास भी उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे प्रावधान बनाने से पहले देश के आम नागरिकों की आर्थिक दशा और उनके जीवन स्तर की समीक्षा करनी चाहिए।
ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के कठुआ प्रधान मोहनलाल के नेतृत्व में दर्जनों कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से उसके मजदूर विरोधी लेबर कोड व किसान विरोधी कृषि कानून को वापस लेने लेने की मांग उठाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के वित्तीय संस्थानों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का निजीकरण बंद किया जाए। इसके अलावा जीवन बीमा निगम और साधारण बीमा निगम के वेतन समझौते की मांग को शीघ्र पूरा करने के साथ साधारण बीमा निगम की सभी चार इकाईयों का अखंड निगम में विलय किया जाए। इस मौके पर एसोसिएशन के सचिव विजय वर्मा, चरणदास भगत, विजय शर्मा, प्राणनाथ भट्ट, संतोष लाल, चंदन सिंह, हरजीत सिंह, अश्वनी कुमार आदि मौजूद रहे।
नए कृषि कानून से पूंजीपतियों के चंगुल में फंस जाएगा किसान
ऑल इंडिया किसान सभा के साथ-साथ जम्मू कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने शहर के ड्रीमलैंड पार्क से डीसी ऑफिस तक रोष रैली निकालकर सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना रोष प्रदर्शन किया। किसान सभा के महेंद्र सिंह ने कृषि सुधार के नाम पर बनाए गए 3 कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक किसान देश में स्वतंत्र था, लेकिन नए कानून से किसान पूंजीपतियों के चंगुल में फंस जाएगा। उन्होंने कहा की सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य न दिए जाने के कारण अब तक आत्मनिर्भर रहा किसान कंगाल हो जाएगा। उन्होंने किसानों की दशा सुधारने के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग की। संस्था के संयोजक हंसराज ने केंद्र सरकार द्वारा रेल, हवाई अड्डे व अन्य सरकारी संस्थानों को निजी क्षेत्र में बेचने पर आपत्ति जताते हुए सरकार पर भारत की मूल्यवान धरोहरों को पूंजीपति घरानों के हाथों ओने पौने दामोदर बेचने का आरोप लगाया। इस मौके पर शिवनंदन शर्मा, गुलजार सिंह, दिलीप सिंह, हरबंस लाल सैनी, तीरथ राम वर्मा, रमेश चंद्र आदि किसान नेता मौजूद रहे।
महामारी की आड़ में पेंशनरों के हितों की अनदेखी
यूनियनों की हड़ताल में शामिल जम्मू कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिला के शिक्षकों ने केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए उस पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने केंद्र सरकार पर महामारी की आड़ में शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनरों के हितों का अनदेखा करने का आरोप लगाया। एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान डॉक्टर शशि पाल सिंह ने कहा कि कि सरकार कोरोना महामारी की आड़ में शिक्षकों, कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों के भत्तों में भारी कटौती की है। जिससे वह अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष रतन सिंह पठानिया ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर कहा कि इस व्यवस्था के परिणाम स्वरूप पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को समय से पदोन्नति नहीं मिल रही है। इस मौके पर एसोसिएशन के हंसराज शास्त्री, शिवनंदन शर्मा, अशोक कुमार, मोहम्मद सुरमू आदि उपस्थित रहे।