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स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने मांगों के समर्थन में सोशल मीडिया पर किया प्रदर्शन

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कठुआ। लंबित मांगों को लेकर जम्मू और कश्मीर स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (उस्ता) के विभिन्न जिलों के सदस्यों ने पोस्टर बनाकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। पोस्टर पर मांगों को लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए प्रदेश सरकार पर लंबे समय से मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। पोस्टर विरोध प्रदर्शन जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा, रियासी, राजौरी, किश्तवाड़, रामबन में किया गया।
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पोस्टरों पर लिखी मांगों में हेड शिक्षकों का वर्ष 2018 से 22 माह का वेतन जारी करने, 2014 से 2017 के बीच नियमित किए गए आरईटी शिक्षकों को डीए और सातवें वेतन आयोग का बकाया जारी करने, दूरदराज इलाकों में कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षकों, लैक्चररों व हैडमास्टरों को स्थानांतरित करने की मांग की गई। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान घर में बच्चों को मिड-डे मील के अनाज की आपूर्ति करने के लिए लगे शिक्षकों के पक्ष में टीए जारी करने, इंचार्ज लैक्चरर, हैडमास्टरों, जेडईओ व प्राचार्यों को नियमित करने, पदोन्नति की प्रभारी प्रणाली बंद कर नियमित रूप से पदोन्नति करने, डीपीसी के माध्यम से शिक्षा विभाग के रिक्त पदों को भरने, 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को कोरोना महामारी की सेवाओं से मुक्त करने, शिक्षा के निजीकरण को रोकने, शिक्षा बजट बढ़ाने, नई पेंशन योजना को वापस लेकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांगों को दोहराया। पोस्टर विरोध कर रहे शिक्षकों की अगुआई करते हुए हरि सिंह ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार किया जाए अन्यथा शिक्षण समुदाय आंदोलन को गति देगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। पोस्टर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों में राजीव कुमार, युनूस राही, प्रदीप सिंह, कांता देवी, बशीर हुसैन, रूप चंद, जुल्फिकार, अशोक कुमार, बलवंत सिंह, रूप चंद, सिराजुद्दीन, राज कुमार, गणेश दत्त आदि शामिल रहे।
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