बिजली-पानी को तरस रहे लोगों का बुधवार को गुस्सा फूट पड़ा। शहर के वार्ड तेरह से लोगों ने विरोध जताते हुए लोगों ने जम्मू-नई दिल्ली नेशनल हाईवे जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे का यातायात ठप कर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
चेतावनी देते हुए लोगों ने कहा कि यदि ट्रांसफार्मर को बदलकर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो कायदा कानून की समस्या बन सकती है। प्रदर्शनकारियाें में शामिल बलविंदर सिंह राजू ने कहा कि शहर का हिस्सा होने के बावजूद वार्ड तेरह में बिजली और पानी की समस्याएं परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
प्रशासन इन समस्याओं पर जरा भी गंभीर नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि चुने हुए विधायक हों या फिर जिला उपायुक्त। हाईवे पर घंटों प्रदर्शन करने के बावजूद लोगों की सुनवाई नहीं की जा रही है। ऐसी व्यवस्था में लोग न्याय की उम्मीद भी छोड़ने लगे हैं।
अनिता शर्मा, सुषमा शर्मा, जतिंदर कौर, चिंतपूर्णी, देविंदर सिंह ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से पूरे इलाके में न तो बिजली की आपूर्ति की जा रही है और न ही पानी की। बिजली विभाग के स्थानीय मुलाजिमों को फोन करें तो वह टका सा जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के कानों पर भी जूं नहीं रेंगती। बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। उन्हें स्कूल भेजना भी मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शनकारी लोगों ने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करने में पूरी तरह से विफल नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को हाईवे जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।