गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर द्वारा संसद में वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को पहचान पत्र देने के सवाल पर दिए जवाब का वेस्ट पाक रिफ्यूजी एक्शन कमेटी ने तीखा विरोध जताया है। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान ें रिफ्यूजियों ने कहा कि संसद में इस प्रकार के बयान देकर रिफ्यूजियों और राज्य सरकार को गुमराह न किया जाए। गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए आदेश पर पर्दा डालने की कोशिश न की जाए।
रिफ्यूजियों का नेतृत्व कर रहे कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी ने कहा कि अफसोस है कि मंत्रालय जारी आदेश के बारे में राज्य मंत्री को कोई जानकारी नहीं है। इससे साफ होता है कि राज्य मंत्री किस कदर रिफ्यूजियों के मामले में आंख और कान बंद किए हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार को लिखित में वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को डिफेंस फोर्स में नौकरी के प्रमाण पत्र देने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन शर्म की बात है कि राज्य मंत्री इस बात को जानते ही नहीं। वह संसद में बिना जानकारी के ही जवाब देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जानकारी नहीं थी तो इस बारे में पता कर सकते थे, लेकिन सीधे तौर पर कहना कि मंत्रालय द्वारा ऐसा कोई भी विशेष प्रस्ताव नहीं दिया गया है, गलत है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल संसद बल्कि डेढ़ लाख रिफ्यूजियों को भी धक्का लगा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ मंत्रालय ने लिखित में आदेश दिया है तो मंत्री इसका खंडन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा और राज्य मंत्री को स्पष्ट करना होगा कि बिना जानकारी के उन्होंने ऐसा जवाब किस प्रकार दिया। बैठक में छज्जू सिंह मन्हास, यशपाल सहित आदि मौजूद रहे।