रोहिंग्याओं को जम्मू में बसाने के विरोध में शिव सेना बाल ठाकरे के सदस्यों ने सोमवार को खरोट मोड़ के पास हाइवे जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के मंत्री व सदस्य बार बार विपक्ष पर हमला बोल रहे हैं। जबकि सरकार में होने के नाते उन्हें इस चीज को रोकना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर रोहिंग्याओं को जम्मू से नहीं भेजा गया तो वह उग्र रुख अपना लेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राज्य सलाहकार मंत्री राधे राधे ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से पहले साजिश के तहत कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से बाहर का रास्ता दिखाया गया। और अब रोहिंग्याओं को जम्मू में बसाकर जम्मू से हिंदूओं को बाहर का रास्ता दिखाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो जल्द ही जम्मू के हिंदूओं केा किसी दूसरे राज्य में शरण लेनी होगी। लेकिन शिव सेना ऐसा नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि चाहे साजिश है या फिर जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। इसकी जांच सरकार को करनी होगी और पूरी गंभीरता के साथ जांच करनी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भी अगर इसमें दखल देने की जरूरत है तो ऐसा भी किया जाए। लेकिन रोहिंग्याओं केा जम्मू से वापस भेजा जाए। उन्होंने कहा कि आखिर किस प्रकार से इतने राज्यों को पार कर यह लोग जम्मू में आकर बस गए। इसका जवाब हर कोई चाहता है और सरकार को इसका जवाब देना ही होगा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल कृष्ण गोपाल, हरमिंदर कुमार, जीतेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार बार बार विपक्ष पर इसका दोष न लागए पिछले दो सालों से सरकार में हैं और इस दौरान भी ऐसा हुआ है। सरकार को इसकी खबर नहीं है क्या। सरकार लोगों को गुमराह न करे और रोहिंग्याओं को वापस भेजे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उग्र रुख अपना लेंगे।