सोमवार को स्थानीय लोगों ने जिला अस्पताल के दो स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टरों के खिलाफ अपनी निजी क्लीनिक में इलाज करवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दोनों डाक्टरों का तबादला करने की मांग की।
जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने वालों में शामिल गुरु रविदास युवा संगठन के अध्यक्ष राज कुमार ने कहा कि स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को मुफ्त में इलाज करवाने का ताना देते हैं।
यही नहीं जिला अस्पताल में मरीजों को देखने की औपचारिकता मात्र को पूरा करते हुए निजी क्लीनिको में जांच करवाने के लिए मजबूर किया जाता है। प्रदर्शनकारियों में शामिल रोशन चौहान ने कहा कि जब तक ऐसे डाक्टरों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, स्वास्थ्य विभाग में सुधार के सभी दावे बेमानी होंगे।
प्रदर्शनकारियों में शामिल गुलशन ने कहा कि एक ओर स्वास्थ्य मंत्रालय सभी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच करने की बात करता है, तो दूसरी ओर डाक्टरों द्वारा निजी क्लीनिकों से ही जांच करवाने को मजबूर किया जाता है।
मरीज की जांच के लिए डाक्टर की बाकायदा कमीशन होती है, जिसके लालच में गरीब मरीजों को भी नहीं बख्शा जाता है। एसके भंडारी, ललित, अजय आदि ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को आम लोगों के हित में ऐसे डाक्टरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
जिला अस्पताल के इंचार्ज अधीक्षक, डॉ. गुरदीप सिंह ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच की है। जांच में पाया गया कि प्रदर्शन करने वालों के आरोप निराधार हैं। डाक्टरों ने सामान्य प्रसव के लिए इंतजार करने को कहा था।