पशु तस्करी के मामलों में बढ़ोत्तरी के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता पर गोरक्षा दल ने सवाल उठाए हैं। दल ने पूछा है कि कैसे अक्सर नाके पर पुलिस को वाहन से मवेशी ही मिल पाते हैं, जबकि पशु तस्कर फरार हो जाते हैं। इसके विरोध में गोरक्षा दल ने शुक्रवार को पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
जराई में एकत्रित होकर सदस्यों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि यदि पुलिस ने इमानदारी से अपना काम नहीं शुरू किया तो इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे दल के राज्य संयोजक देवेंद्र शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पशु तस्करी के मामलों में इजाफा हुआ है।
इससे साफ है कि एक बार फिर पशु तस्करी को रोक पाने में पुलिस असमर्थ दिख रही है। उन्होंने कहा कि पहले वाहनों में तस्करी की जाती थी, तो वाहन पकड़े जाते थे और चालक फरार हो जाते थे। अब दो-दो कर पशुओं को विभिन्न नालों के रास्ते से तस्करी कर ले जाया जा रहा है।
इसमें भी पुलिस किसी को पकड़ पाने में सफल नहीं हुई है। इससे साफ है कि पुलिस पशु तस्करी को रोकने के लिए काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि नाके के सामने से तस्कर फरार हो जाए और पुलिस केवल पशु ही पकड़ पाए।
प्रदर्शनकारियों में शामिल योगराज, बालक राम, प्रमोद कुमार आदि ने कहा कि पुलिस प्रशासन में इमानदार अधिकारियों की कमी नहीं है, लेकिन कार्रवाई में यह इमानदारी नहीं नजर आती है। उन्होंने कहा कि यदि इमानदार अधिकारी चाहें तो कैसे पशु तस्करी को नहीं रोका जा सकता है।