कठुआ। पंजाब व अन्य राज्यों से घर वापसी की राह देख रहे जम्मू-कश्मीर के लोगों को निराशा हाथ लगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जारी हुई गाइडलाइन के बाद अब प्रदेश में इन लोगों की इंट्री में लंबा समय लगना तय है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन-2 बढ़ाने की घोषणा के दौरान 20 अप्रैल से लोगों को कुछ छूट देने की बात कही थी। इसके बाद प्रदेश प्रशासन ने भी दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को लाने के लिए 14 अप्रैल से लखनपुर में तैयारियां शुरू कर दी थीं। इन लोगों को व्यवस्थित तरीके से लाने के लिए बाकायदा जिलावार काउंटर, सैनिटाइजिंग टनल भी स्थापित कर दिए गए थे, लेकिन इस कार्रवाई को अगले आदेश तक रोक दिया गया था।
एसएसपी डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन-2 की घोषणा के बाद जरूरत का सामान लाने की ही छूट दी है। अब मजदूर वर्ग के लिए भी विशेष हिदायतें आ चुकी हैं, इसमें कहा गया है कि जो लोग जहां हैं, वहीं रहें और लॉकडाउन का पानल करें। उन्होंने कहा कि लखनपुर बॉर्डर जिस तरह से सील था, वैसे ही रहेगा। केवल आवश्यक वस्तुओं और आपात स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों को ही प्रदेश में एसओपी के पालन के बाद आने की अनुमति दी जा रही है। एसएसपी ने बताया कि 30 लोगों ने प्रदेश में चोरीछिपे दाखिल होने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें पकड़कर क्वारंटीन किया गया है।