दयाला चक से हीरानगर को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क की बदहाली ने क्षेत्र के निवासियों और राहगीरों का आवागमन मुहाल कर दिया है। हालत यह है कि पांच किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर हर पांच मीटर के बाद गड्ढे हो गए हैं। जगह-जगह हो चुके गहरे गड्ढे हादसों को न्यौता दे रहे हैं, जिसके चलते इस मार्ग पर चलना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
स्थानीय लोगों के लिए यह खस्ताहाल सड़क अब रोजमर्रा की सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा जोखिम रात के समय बढ़ जाता है, जब अंधेरे में ये गड्ढे दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाओं का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि बारिश में स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इस कारण दुर्घटनाओं का खतरा और भी बढ़ जाता है।
स्थानीय दुकानदारों से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों तक, हर कोई इस समस्या से परेशान है। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, यह सड़क हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी हालत इतनी खराब है कि इस पर वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। सड़क की बदहाली के कारण कई छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। प्रदीप कुमार ने बच्चों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है, क्योंकि गड्ढों के कारण यह रास्ता पूरी तरह से असुरक्षित हो गया है।
क्षेत्र के लोगों ने अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने जोर दिया है कि इस खस्ताहाल सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और इसका पुनर्निर्माण किया जाए। स्थानीय निवासियों की मांग है कि सड़क को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो और लोगों को इस रोजमर्रा की परेशानी से मुक्ति मिल सके।