आपातकालीन स्थिति में फेंसिंग से निकलने में भी होती है मुश्किल
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जिला पुलिस ने निजी स्कूलों के प्रबंधकों से बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंधों सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए स्कूलों में सीसीटीवी कैमरा लगाने, गेट पर इंटरकॉम लगाए जाने के साथ चहारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाकर कंटीली तार लगाने की भी सिफारिश की है।
जिला पुलिस प्रमुख कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान पुलिस प्रमुख नीवा जैन ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में हाईवे या फिर लिंक मार्गों पर सड़क किनारे स्कूलों की सुरक्षा समीक्षा जरूरी है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
उन्होंने कहा कि पुलिस, एंबुलेंस सहित फायर बिग्रेड के नंबर को जरूरी जगहों पर डिस्प्ले करना चाहिए। इसके साथ ही सभी शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी किसी भी घटना से निपटने की तैयारी को लेकर अभ्यास करने पर भी बल दिया है।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक प्रबंधकों की ओर से स्टाफ और विद्यार्थियों को सुरक्षा कारणों के संबंध में जानकारी दी जानी जरूरी है। निजी स्कूल एसोसिएशन की ओर से मौजूद सदस्यों ने महिला सशक्तीकरण के लिए शैक्षणिक संस्थानों में कराटे प्रशिक्षण दिए जाने पर जिला पुलिस की सराहना की।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला पुलिस प्रमुख ने साफ किया कि स्कूलों को लेकर कोई भी सुरक्षा की दृष्टि से कोई खतरा नहीं है, लेकिन समीक्षा के साथ एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हाईवे के आसपास आतंकी हमलों का इतिहास रहा है। इसके चलते सभी बड़ी इमारतों की सुरक्षा समीक्षा जरूरी है। अगले चरण में औद्योगिक क्षेत्र के प्रबंधकों के साथ भी बैठक की जाएगी।