फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: पीएचसी बरवाल टीकाकरण तक सीमित है

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। जिले में जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़े गांव बरवाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) टीकाकरण तक सीमित होकर रह गई है। पिछले दो सालों से पीएचसी के लिए स्वीकृत दोनों एमबीबीएस डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े है। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को 15 किलोमीटर का सफर तय कर राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ जाना पड़ता है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अस्थाई कर्मचारियों के सहारे कार्यात्मक इस केंद्र में समय पर जच्चा-बच्चा को समय पर लगने वाले टीकाकरण के अलावा और कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मंचों पर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के मुद्दे को उजागर करने के बाद भी न तो जिला प्रशासन और न नही स्वास्थ्य विभाग इसकी तरफ कोई ध्यान दिया गया है। वर्तमान में आधा दर्जन गांव की दस हजार की आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरवाल पर निर्भर है। जिसमें खुद बरवाल की तीन पंचायतें, उत्तरी, जंडोर और पल्ली गांव के लिए एक मात्र स्वास्थ्य केंद्र है। पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि बैक टू विलेज और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार में कई बार डॉक्टरों की कमी को उठाया जा चुका है, लेकिन सरकार की ओर कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आए है। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलते है। प्रदेश में नयी सरकार बनने से लोगों को उम्मीद जगी थी कि उनकी समस्याओं को हल होगा, लेकिन समय के साथ उनकी उम्मीद भी धराशायी हो रही है। जिससे स्थानीय लोगों में संबंधित विभाग और प्रदेश सरकार के प्रति भारी रोष है।

पीएचसी में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा विभाग के संज्ञान में है। इसको लेकर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं जम्मू को भी अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द खाली पड़े पदों पर भरा जाएगा। -डॉ कयूम, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी परोल।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें