डेलीवेजर मुलाजिमों की हड़ताल से प्रभावित चल रहे बिजली विभाग के कामकाज पर बड़ी मार पड़ने जा रही है। डेलीवेजर मुलाजिमों के संघर्ष का समर्थन कर रही प्रोविंशियल पॉवर इंप्लाइज यूनियन (पीपीईयू) ने भी हड़ताल की चेतावनी दी है।
यूनियन ने दो टूक कहा है कि पांच जुलाई से पूर्व यदि डेलीवेजर मुलाजिमों की मांग को पूरा नहीं किया गया, तो स्थायी मुलाजिम भी हड़ताल पर चले जाएंगे। यूनियन के अनुसार डेलीवेजर मुलाजिमों की मांग के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर सरकार का रुख गैरजिम्मेदाराना है।
दशकों लगातार काम करने के बावजूद डेलीवेजर मुलाजिमों को आर्थिक सुरक्षा नहीं दी गई है। नियमितीकरण के लिए अस्थायी मुलाजिमों का कार्यकाल सात वर्ष का निर्धारित किया गया है। कश्मीर संभाग में बड़े पैमाने पर स्थायी नियुक्तियां की जा चुकी हैं।
जम्मू संभाग के अलग-अलग जिलों में स्थायी नियुक्ति के लिए अलग-अलग पैमाना बनाया गया है। इस बीच सबसे ज्यादा परेशान कठुआ जिले के डेलीवेजर मुलाजिम हैं। कहा कि अनिवार्य सेवा की वजह से सरकार को डेलीवेजर मुलाजिमों की मांगों को पूरा करना चाहिए।
लेकिन, इसके ठीक उलट सरकार न सिर्फ लगातार अनदेखी कर रही है, बल्कि हड़ताल करने के बावजूद सुध नहीं ले रही है। ऐसे हालात में स्थायी मुलाजिम भी समर्थन में हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हड़ताल पर बैठे मुलाजिमों की अनदेखी कर रही है।