संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटर अब विभाग और आम लोगों के बीच विवाद का कारण बनने लगे हैं। वार्ड नंबर 17 में स्मार्ट मीटर लगाने गई विभाग की टीम को लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम को लौटना पड़ा। वहीं, लोगों ने आरोप लगाया कि मीटर लगाने से मना किया तो पूरे मोहल्ले की बिजली काट दी गई।
शनिवार जैसे ही बिजली विभाग के टीम मोहल्ले में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए पहुंची तो लोग उसके विरोध में सामने आने लगे। दोपहर करीब तीन बजे के बाद लोगों का विरोध इतना तेज हुआ कि बिजली विभाग के कर्मचारियों को अपना काम ठप करना पड़ा। हालांकि इस दौरान बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद वहां नायब तहसीलदार पुलिस टीम के साथ पहुंचे लेकिन गुस्साए लोगों के सामने उनकी भी एक न चली। इसके बाद बिना मीटर लगाए ही टीम को उल्टे पांव वापस आना पड़ा।
स्थानीय लोगों के विरोध में शामिल पूर्व पार्षद जोगिंदर कुमार ने विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि उन्हें मीटर लगाने से कोई एतराज नहीं है। लेकिन इसके लिए विभाग को पहले एक नीति पर काम करना होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम वार्ड नंबर एक से शुरू किया जाए और या फिर 21 से शुरू किया जाए। लेकिन विभाग ऐसा करने के बजाए स्मार्ट मीटर उन वार्डों में लगा रहा है जहां लोग विरोध कर नहीं पाते हैं।ताकि उन्हें स्मार्ट मीटर लगाकर लूटा जाए।
वहीं, डिंपल देवी ने कहा कि इससे पहले भी जब इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगने शुरू हुए थे तो भी सबसे पहले उनके ही वार्ड में उक्त कार्रवाई की गई थी। अब एक बार फिर स्मार्ट मीटर भी उन पर ही थोपा जा रहा है। हद तो यह है कि जब लोगों ने इसका विरोध किया है तो उन्हें सजा देने के लिए पूरे मोहल्ले की बिजली को काट दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने जल्द उनकी बिजली आपूर्ति को बहाल नहीं किया तो वे कड़ा रुख तैयार करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
जल्द आपूर्ति बहाल करवाएंगे, मीटर तो लगवाने ही पड़ेंगे
इस बारे में बिजली विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि बिजली जाने का क्या कारण है, यह अभी उनके संज्ञान में नहीं है। फिलहाल अधीनस्थ कर्मचारियों से बात कर बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल कर दिया जाएगा। जहां तक स्मार्ट मीटर लगने का सवाल है तो वह बिजली विभाग के नियमों के अनुसार लगाने ही होंगे, क्योंकि इलेक्ट्रिकल एक्ट 2003 के अनुसार कोई भी वैध कनेक्शन बिना मीटर के नहीं होता है। लिहाजा उपभोक्ताओं को भी विभाग का सहयोग करना चाहिए।