संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सिडको की ओर से औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए बरवाल और बुद्धि गांव के बीच आवंटित 733 कनाल भूमि पर पेड़ों की कटाई करवाने दलबल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों का रोष झेलना पड़ा।
लोगों की नाराजगी के बाद हालांकि पेड़ों की कटाई को तो रोक दिया गया लेकिन स्थानीय लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में उन्होंने सर्वदलीय बैठक कर प्रशासन को दो टूक चेतावनी जारी कर दी है।
वीरवार को बुद्धि और बरवाल के बीच औद्योगिक क्षेत्र को स्थानांतरित की गई जमीन पर प्रशासन की ओर से दल बल के साथ पेड़ों की कटाई अंजाम दी गई। जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग विरोध में आ गए। हालांकि प्रशासन के सख्त रवैये के बाद लोग समझ गए कि प्रशासन ग्रामीणों और पर्यावरण से ज्यादा औद्योगिक विकास को तरजीह दे रहा है। ऐसे में उन्होंने भी मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली। कंडी क्षेत्र में औद्याेगिक जमीन पर पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई के विरोध में कठुआ शहर में वीरवार शाम सर्व दलीय बैठक की गई। जिसमें विभिन्न पार्टियों के सदस्यों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद सरकार से अपील की गई कि पेड़ों को काटकर कभी भी विकास नहीं हो सकता। लिहाजा सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। कहा कि सरकार के पास पूरा तंत्र है कि वे जनता को गोली और लाठी से मार सकती है, फिर लोगों को सांस बंद कर मारने की क्या जरूरत है। अगर पेड़ को काट कर ही विकास नहीं लोगों की सांस बंद होती है और ऐसा हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा विधायकों को भी साथ लिया जाएगा ताकि औद्योगिक विकास की आड़ में जिले के कंडी क्षेत्र में पर्यावरण से खिलवाड़ न हो।
नेताओं का कहना है कि अगर सिडको को आवंटित 733 कनाल जमीन पर औद्योगिक इकाइयां स्थापित होती हैं तो इससे लगभग सात गांव की 30 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित होगी। सरकार पहले ही कठुआ शहर के चारों कोनों पर रेड और येलो केटेगरी की औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर लोगों को प्रदूषण से मार रही है। ऐसे में कंडी इलाके में जहां पहले से अनगिनत हरियाली है उसे काट कर कोन सा विकास कर रही है। यह उनकी समझ से बाहर है।
उन्होंने शहरवासियों के अलावा भाजपा के सभी विधायकों सहित जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस लड़ाई में उनका साथ दे। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता अमरीश जसरोटिया, पवन सिंह, डीडीसी सदस्य संदीप मजोत्रा, आप नेता अप्पू सिंह, कांग्रेस नेता जतिंद्र सिंह, अभिवक्ता सुशील महाजन, आई डी खजूरिया, पूर्व मंत्री बाबू सिंह, कांग्रेस नेता नरेश शर्मा सहित दर्जनों लोगों मौजूद रहे।