राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी एनएफएसए सीएपीडी विभाग के गले की फांस बनता जा रहा है। अब जबकि श्रमिकों की हड़ताल भी खत्म हो चुकी है और राशन डिपो तक सरकारी राशन का कोटा भी पहुंचाया जा चुका है। उपभोक्ता लगातार एनएफएसए का विरोध कर रहे हैं।
आलम यह है कि जिला के अधिकतर राशन स्टोर से कम दर पर राशन उठाने के लिए उपभोक्ता आगे नहीं आ रहे हैं। बुधवार को कालीबड़ी में नेशनल हाईवे की सर्विसलेन पर स्थानीय लोगों ने भी मोर्चा खोलते हुए जमकर प्रदर्शन किया। लोगों ने एनएफएसए को गरीब लोगों के साथ मजाक बताते हुए नारेबाजी भी की।
प्रदर्शनकारियों में शामिल बलवीर सिंह ने कहा कि सरकार एक ओर गरीब लोगों को सस्ता राशन देने की बात करती है लेकिन एनएफएसए सीधे तौर पर गरीबों के हक पर डाका है। उन्होंने कहा कि सस्ते राशन के साथ स्केल को कम कर दिया गया है जिससे न चाहते हुए भी उपभोक्ताओं को बाजार से राशन खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा।
उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि यह स्कीम सिर्फ लोगों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि इस फैसले को जल्द वापस लेकर पुराने तरीके से राशन आवंटन नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में लोग उग्र आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों में बीरवल सिंह, जगदेव राज, जनक राज, राम सिंह, मनोहर लाल शर्मा आदि शामिल रहे।