तालाबों की बदहाली से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को ग्रामीण विकास विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। छन्न अरोड़ियां पंचायत के भगवाल, खत्रयाल गांवों में दो तालाब बद से बदतर हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों पुराने ये दोनों तालाब खस्ताहाल हो गए हैं। आज ये गंदगी का पर्याय बन गए हैं। उचित रखरखाव नहीं होने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। इन तालाबों की दशा सुधारी जाती तो गांवों को आसानी से पानी मिल सकता था।
गर्मी के कारण हाहाकार मची है, लेकिन इन तालाबों की दशा सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। पंचायत गठन के साथ लोगों को उम्मीद थी कि तालाबों का जीर्णोद्धार होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका।
नायब सरपंच केआर रैना, पंच भोला नाथ, बोधराज, चूनी लाल, राजिंद्र कुमार, तारा चंद, ब्रह्म दयाल, मदन लाल, पवन कुमार, नितिन शर्मा, भूषण शर्मा ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण प्राकृतिक जल स्रोत खत्म होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि तालाबों की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो उग्र कदम उठाया जाएगा।