पेडूनाल के पास खुबनी में धंसी सड़क, लखनपुर बसोहली मार्ग पर यातायात प्रभावित संवाद
कठुआ। बीती रात को अचानक आई बाढ़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ भी जलमग्न हो गया। इसके अलावा जीएमसी के साथ लगते जम्मू-पठानकोट हाईवे का 100 मीटर रास्ता भी बाढ़ के कारण धंस गया है। फिलहाल धंसे हुए रास्ते पर हाईवे अथारिटी की तरफ से संकेतक लगा दिए गए है, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। वहीं, जीएमसी प्रशासन ने सर्विस लेन पर जमा हुए मलबे को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
कॉलेज में उपस्थित एमबीबीएस विद्यार्थियों ने बताया कि रात की हुई बारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ का पानी कॉलेज परिसर में घुस गया। हालांकि रात को तो वे अपने कमरे में सौ रहे थे तो उनको पता नहीं चला, लेकिन जैसे ही सुबह हास्टल कमरों से बाहर निकले तो पाया कि पूरी सर्विस लेन बाढ़ से आए मलबे से जलमग्न हो चुकी है। उनका कहना है कि पानी इतना ज्यादा था कि उनको पता ही नहीं चल पा रहा था कि सड़क कहां पर है। गनीमत रही कि बाढ़ का पानी छात्रावास में नहीं घुसा। दरअसल, नवनिर्मित कॉलेज की मुख्य इमारत के पीछे बने एमबीबीएस हास्टल और कॉलेज प्रधानाचार्य के आवासीय मकान और फैकल्टी के साथ लगती सर्विस लेन पास के खेतों और नालों के पानी से भर गई। जिसके कारण विद्यार्थियों सहित अन्य कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद जैसे पानी निकला तो विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली, लेकिन सर्विस लेन पर अभी भी बाढ़ से आया मलबा बिखरा पड़ा हुआ है। जिससे छात्रावास तक जाने के लिए विद्यार्थियों को मुश्किल आ रही है।
बाढ़ से सौ मीटर तक हाईवे की सुरक्षा दीवार बही, सेना छावनी की चारदीवारी को पहुंचा नुकसान
राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ के साथ लगते हाईवे को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। इसके चलते 100 मीटर तक हाईवे की सुरक्षा दीवार धंस गई है। वहीं हाईवे से लगती सेना छावनी की चहारदीवारी को भी बाढ़ ने नुकसान पहुंचाया है।
हालांकि बाढ़ के हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के नुकसान को देखते हुए हाईवे अथारिटी में तुरंत धंसे हुई सड़क के किनारे संकेतक लगा दिए हैं। दरअसल जीएमसी कठुआ के ऊपरी इलाके में बादल फटने के बाद बरसाती नालों में अचानक आई बाढ़ से जीएमसी कठुआ भी बाढ़ की चपेट में आ गया।