बसोहली। पर्यटन स्थल पुरथु में वीरवार को पैरामोटरिंग और पैरासेलिंग शुरू हो गई है। बीते करीब चार माह पूर्व पैरामोटरिंग के पर्यटन स्थल पुरथु में अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रायल हुए थे, जो सफल रहे। इसके बाद एडीसी अजीत सिंह द्वारा इसकी परमिशन के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया था। बसोहली वनी विकास प्राधिकरण के सीईओ अजीत सिंह ने बताया कि पुरथु में पैरामोटरिंग और पैरासेलिंग की गतिविधियां शुरू करवाई गई हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। यह पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। थोड़े दिनों के बाद एक और पैरामोटर और ग्लाइडर पुरथु में लाया जाएगा ताकि पर्यटकों को इसकी सुविधा मिल सके।
स्वदेश दर्शन-2 प्रोजेक्ट में रंजीत सागर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन इसका जो रूप होगा, वह आगामी उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद विचार-विमर्श कर दिया जाएगा। पर्यटन स्थल पुरथु में रोजगार के लिए बेरोजगार लोग अपनी रेहडि़यां भी लगा सकते हैं। पर्यटन विभाग की तरफ से यहां सोलर लाइटें भी लगाई गई हैं। व्यू प्वाइंट का भी निर्माण भी किया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा ऐसे पर्यटन स्थलों पर भव्य मेलों का भी आयोजन करने के लिए कार्यवाही की जाएगी। इससे पर्यटन स्थलों को नई ऊंचाई व पहचान मिलने के साथ साथ पर्यटकों की तादाद भी बढ़ती है।
स्थानीय गौरव जमवाल और अंकुश ठाकुर ने यहां पर्यटन की नई गतिविधियां शुरू होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों में जो फंड्स पर्यटन को विकसित करने के लिए आए थे, वे यहां नहीं लगे हैं। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने यहां करीब 400 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिया था, जिसका कोई अता पता नहीं है।उन्होंने पर्यटन विभाग और प्रशासनिक उच्च अधिकारियों से मांग की कि उस राशि का इस्तेमाल पर्यटन को विकसित करने के लिए किया जाए। वही रंजीत सागर झील के पंजाब के चमरोड के मुकाबले बसोहली का पर्यटन स्थल पुरथु आज भी विकास से कोसों दूर है।