- न टेल लाइट न रिफ्लेक्टर, कभी भी बन सकते हैं बड़े हादसे का कारण
हीरानगर। हाईवे के चौड़ीकरण और एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य के चलते हाईवे पर ज्यादातर जगहों पर परिवर्तित सिंगल रूट मार्गों पर यातायात की आवजाही हो रही है। पहले ही इन टूटी-फूटी सड़कों पर वाहन चालकों को बेहद संभल के चलना पड़ता है ताकि कोई हादसा न हो, ऐसे में भूसे से भरे ओवरलोड वाहन खतरा और बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
खासतौर पर रात के समय बिना टेल लाइट या रिफ्लेक्टर के चलने वाले ओवरलोड वाहन कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। क्योंकि सिंगल सड़क होने पर यह बीच रास्ते में चलते हैं, जिससे सड़क के दोनों तरफ से गुजरने की जगह नहीं बचती है और पीछे से आ रहे वाहन चालक को बिल्कुल पास पहुंचने पर उनके आगे होने का पता चलता है। पीछे चल रहे वाहन चालक की जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लेकिन रात के समय काल बनकर घूमने वाले ओवरलोड वाहनों पर संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण यह वाहन बैखोफ होकर सड़कों पर घूमते हैं।
स्थानी लोगों का कहना है कि यातायात विभाग को रात के समय भूसे से ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यह वाहन चालक लोगों के लिए भी खतरा है और यातायात नियमों का भी उल्लंघन धड़ल्ले से कर रहे हैं।
स्थानी निवासी प्रदीप कुमार, अमन सिंह, सुनील सिंह, लक्की शर्मा ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के बाद भूसा ढोने वाले वाहनों की संख्या हाईवे और संपर्क मार्गों पर बढ़ गई है। अक्सर यह वाहन चालक बिना टेल लाइट और बिना रिफ्लेक्टर के सड़कों पर ओवरलोड घूमते हैं। जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं इसलिए विभाग को इन पर कार्रवाई करनी चाहिए और इसी के साथ इनका दिन में चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संवाद
कोट
भूसा लेकर चलने वाले वाहन अक्सर रात को सफर तय करते हैं और सुबह होते ही जहां पहुंचे हो वहां खड़े हो जाते हैं, ताकि कार्रवाई से बच सकें। मगर यह कार्रवाई से बच नहीं सकते हैं। जल्द कार्रवाई होगी।
- कपिल मिन्हास, डीटीआई