हीरानगर। उज्ज दरिया में बरसात के दौरान बाढ़ के कारण अब भूमि कटाव का खतरा नहीं होगा और किसानों की फसल खेतों में पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। वीरवार को दरिया किनारे भूमि संरक्षण के लिए क्रेट डालने का काम गांव छब्बे चक में मढीन से डीडीसी सदस्य कर्ण कुमार ने शुरू कराया। लंबे समय से किसान भूमि कटाव से परेशान थे और उनकी मांग थी कि क्रेट लगाकर उनके खेत सुरक्षित किए जाएं। आज काम शुरू होने पर किसान बेहद खुश हुए।
क्रेट लगाने का काम शुरू कराने के बाद डीडीसी सदस्य ने यहां मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की पीड़ा को समझते हुए केंद्र सरकार ने उनकी जमीनों की सुरक्षा का काम शुरू कर दिया है। साढ़े चार करोड़ की लागत से दरिया के किनारे क्रेट लगाने का काम पूरा होगा।
उन्होंने बताया कि क्रेट डालकर जो सुरक्षा बांध बनाया जा रहा है यह धीरे-धीरे सीमावर्ती इलाकों की ओर बढ़ता जाएगा। करीब दो दर्जन से भी अधिक गांवों के हजारों किसानों की जमीनों को बरसात के दिनों में इस दरिया में आने वाली बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा बरसात में बाढ़ के दौरान यहां के बहुत से किसानों ने अपनी पूरी जमीन खोई हैं। पिछले साल भी बाढ़ ने यहां भारी तबाही मचाई थी, इसके किनारे सटे सभी खेतों में लगी फसल बर्बाद हो गई थी। लेकिन आने वाली बरसात में इन खेतों का बाढ़ कोई नुकसान नहीं कर पाएगी। किसानों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सालों पुरानी मांग पूरी हुई है। हर वर्ष बाढ़ में हमारी भूमि को नुकसान होता था लेकिन अब नहीं होगा इसके लिए हम केंद्र सरकार और डीडीसी सदस्य का आभार व्यक्त करते हैं।