फसलों की सिंचाई के लिए अब मौसम पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसकी वजह है सिंचाई विभाग द्वारा वार्षिक क्लोजर जारी करना। अगले ढाई महीने तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इससे सिंचाई के लिए किसानों को बारिश या फिर मोटर पंप सेट पर ही निर्भर रहना होगा। गौरतलब है कि विभाग द्वारा हर वर्ष कुछ समय के लिए नहरों में पानी बंद कर दिया जाता है, ताकि नहरों की सफाई हो सके और मरम्मत कार्य किए जा सकें। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता वेद राज गुप्ता ने बताया कि पचीस जनवरी से बैसाखी तक नहरें बंद रहेंगी।
कठुआ नहर, कश्मीर कनाल, रावि-तवी कनाल में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे में जो इलाके इन नहरों पर निर्भर हैं, वहां पर पानी नहीं मिलेगा। इसके साथ ही इन मुख्य नहरों के साथ साथ उनकी डिस्ट्रिब्यूट्री नहरों में भी पानी नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विभाग के पास पैसों की भी कमी है। ऐेसे में अगले ढाई महीनों में केवल जरूरत के हिसाब और जहां पर बहुत आवश्यकता है, वहीं पर मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नहर के किनाराें की मरम्मत भी करनी होती है। पैसों के हिसाब से ही इस वर्ष काम होगा।