कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट के न्यायालय ने पशु तस्करी के दोषी को 2,050 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को बीएनएस की धारा 223 के तरह जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की अनदेखी के अपराध के लिए 2,000 रुपये और पशुओं के साथ क्रूरता करने पर पीसीए की धारा 11 के तहत 50 रुपये की सजा सुनाई गई है।
लखनपुर थाना पुलिस ने पंजाब के जिला पठानकोट निवासी कमल को पिछले महीने पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद लखनपुर पुलिन ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
आरोपी के वकील ने उसकी स्वीकारोक्ति दर्ज करने के लिए 30 मई को कोर्ट में आवेदन किया था। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को अपराध संबंधी न्यायिक प्रक्रिया के बारे में बताया और कहा कि वह ऐसा बयान देने के लिए बाध्य नहीं है।
अगर वह ऐसा करता है तो कोर्ट में दिया गया बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है। लिहाजा आरोपी को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन आरोपी अपने बयान दर्ज करवाने पर अड़ा रहा।
इसलिए कोर्ट ने उसका बयान दर्ज कर उसे दोषी करार दिया। इसलिए उसे 2,050 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। आरोपी ने मौके पर ही जुर्माना राशि अदा कर दी। इसलिए कोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया।