लोगों ने इष्ट देव के सामने माथा टेककर की नए साल पर मंगलकामना, दोपहर बाद तक लगा रहा तांता
जगह-जगह स्टाल लगाकर कहीं लोगों ने हलवा तो कहीं छोले-पूरी परोस कर किया खुशी का इजहार
जसरोटा स्थित प्राचीन महाकाली माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगना शुरू हो गई थी
कठुआ। नववर्ष के पहले दिन मंदिरों में कतारें लगी रहीं। जिले के विभिन्न मंदिरों में लोगों ने अपने इष्ट के समक्ष माथा टेका और परिवार संग मंगलकामना की।
वहीं, साल के पहले दिन जगह-जगह स्टाल लगाकर कहीं लोगों ने हलवा तो कहीं छोले-पूरी परोस कर लोगों के साथ खुशी का इजहार किया। नए साल पर सबसे ज्यादा भीड़ जखोल स्थित पवित्र महानाल गुफा मंदिर में देखी गई। यहां स्वामी हरि गिरी जी महाराज की पुण्यतिथि पर होने वाले कार्यक्रम में लोगों ने शिरकत की और नए वर्ष पर गुफा
में विराजमान शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
यहां स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा कठुआ शहर व आसपास के श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर माथा टेका। सुबह से लगने वाली श्रद्धालुओं की कतार दोपहर बाद तक जारी रही।
वहीं, जसरोटा स्थित प्राचीन महाकाली माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगना शुरू हो गई थी। 10 बजे तक मंदिर कमेटी के सदस्यों को अतिरिक्तद्वार दर्शन के लिए खोलने पड़े। लंबी कतारों में लगे लोग महामाई से जीवन में खुशहाली और समृद्धि की कामना करने पहुंचे। दोपहर बाद तक मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान मंदिर कमेटी ने भंडारे का आयोजन किया। वहीं, मंदिर मार्गों पर लोगों ने जगह-जगह भंडारे लगाकर प्रसाद वितरित किया।
इसके अलावा काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने चड़वाल स्थित संतोषी माता के मंदिर में, हीरानगर के किले वाली माता के मंदिर, कठुआ के माता आशापूर्णी मंदिर, महाकालेश्वर शिव दुर्गा मंदिर, नगरी के माता बाला सुंदरी मंदिर और बिलावर के मां सुकराला मंदिर में श्रद्धालु आशीर्वाद लेने पहुंचे।
प्राचीन शिव गुफा मंदिर महानाल में स्वामी हरि गिरी जी महाराज की पुण्यतिथि पर होने वाले अनुष्ठान के कारण सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। वहीं, इस दौरान नव वर्ष पर बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने प्राकृतिक शिवलिंग का जलाभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद पाया। इस दौरान हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बम-बम भोले के जयघोष से क्षेत्र शिवमय हो गया। ज्यादा भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए गुफा के द्वार पर पुलिस तैनात रही। श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई थी। बिलावर सुकराला स्थित मल्ल माता के भवन में भी नववर्ष पर महामाई जागरण का आयोजन हुआ। रात को जागरण के दौरान श्रद्धालु माता की भेंटों पर झूमे। नववर्ष का स्वागत भक्तिमय तरीके से किया गया। सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने महामाई के दर्शन शुरू किए। मंदिर में दर्शन के लिए बिलावर, बसोहली, कठुआ, जम्मू आदि क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे।