बायोटेक पार्क कठुआ में आयोजित कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी देते हुए
औद्योगिक बायोटेक पार्क घाटी में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध प्रस्तुतियां और व्यावहारिक प्रशिक्षण का संगम देखने को मिला। औषधि अनुसंधान और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार विषय पर आधारित इस कार्यशाला में युवाओं में खासा उत्साह रहा।
आयोजन सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (जम्मू), बीराक–बायोनेस्ट इंक्यूबेटर और सीएसआईआर–जिज्ञासा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। दूसरे दिन की शुरुआत डॉ. गीतांजलि यादव (एनआईपीआर, नई दिल्ली) के व्याख्यान से हुई। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला। बताया कि किस प्रकार परागण की वास्तविक समय में जांच से फसल उत्पादकता में क्रांतिकारी सुधार संभव है।
इसके बाद डॉ. रुचि महाजन (डीबीटी, नई दिल्ली) ने जैविक आंकड़ों के जिम्मेदाराना साझाकरण की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे कि वैज्ञानिक सहयोग को मजबूती मिल सके। दोपहर सत्र में पोस्टर प्रस्तुति के दौरान शोधकर्ताओं ने अपने नवाचारों को साझा किया। इसके पश्चात डॉ. अंजू शर्मा (एनआईपीईआर, मोहाली) द्वारा पायथन बेसिक्स, मशीन लर्निंग वर्कफ्लो और मॉडल बिल्डिंग फॉर बायो एग्रीकल्चर और एग्री डाटा पर एक व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने एआई तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से समझा और सीखा। शुक्रवार को कार्यशाला का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।