अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नशे के कारोबार और तस्करी के खिलाफ अभियान को और अधिक सख्त बनाया है। इसके लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब पुलिस के साथ-साथ राजस्व और आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी एनडीपीएस कानून की धारा 41(2) के तहत कार्रवाई करने के लिए अधिकृत बनाया है। यानी की अब ये अधिकारी भी कार्रवाई कर सकेंगे।
गृह विभाग की ओर से 31 अगस्त को जारी अधिसूचना के अनुसार, राजस्व विभाग के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), सहायक आयुक्त राजस्व (एसीआर), उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), क्षेत्रीय तहसीलदार और नायब तहसीलदार अब अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में एनडीपीएस कानून के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इसके साथ ही आबकारी विभाग के सभी राजपत्रित अधिकारियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सभी राजपत्रित अधिकारियों को भी इस दायरे में पूरी तरह अधिकृत किया है। नशे से जुड़े मामलों में पहले ज्यादातर कार्रवाई पुलिस विभाग तक ही सीमित रहती थी। सरकार के इस फैसले के बाद अब प्रशासनिक और आबकारी अधिकारी भी अपने स्तर पर संदिग्ध ठिकानों की तलाशी, जब्ती और संबंधित कानूनी प्रक्रिया को अमलीजामा पहना सकेंगे।
इससे जमीनी स्तर पर नशा तस्करों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई संभव हो सकेगी। उपराज्यपाल के आदेश से यह अधिसूचना गृह विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती (आईएएस) द्वारा जारी की गई है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।