हीरानगर। कंडी के बदौली में श्री नाग देवता स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह आयोजित की जा रही है। इसके तीसरे बुधवार को कथावाचक अमित शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण के अवतारों और समुद्र मंथन की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि यह संसार भगवान का सुंदर बगीचा है जिसमें 84 लाख योनियों के रूप में विभिन्न जीव मिलते हैं। जब भी कोई गलत कर्मों से इस बगीचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो भगवान अवतार लेकर सज्जनों का उद्धार और दुष्टों का संहार करते हैं।
समुद्र मंथन के प्रसंग को मानव जीवन से जोड़ते हुए शास्त्री ने बताया कि हमारा हृदय ही वह सागर है, जहां अच्छे और बुरे विचारों का मंथन निरंतर चलता रहता है। जो व्यक्ति अपने बुरे विचारों को अच्छे विचारों से जीत लेता है, उसका जीवन सुखमय और भागवत प्रेम से परिपूर्ण हो जाता है।
भक्त प्रह्लाद का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण मंत्र सुना था, जिसके प्रभाव से उनके सारे कष्ट दूर हो गए।
यह दर्शाता है कि बच्चों को बचपन से ही धर्म और अध्यात्म का ज्ञान देना चाहिए जो उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
इस दाैरान आयोजन स्थल पर दिन, रात भजन, कीर्तन, हवन, पूजन आदि अनुष्ठान किए जा रहे हैं। प्रवचन के बीच में भजनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। इस आयोजन की लोगों ने सराहना की है।