हीरानगर। आने वाले 16 अगस्त को होने वाले श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर कस्बे के शांतिनिकेतन सन्यास आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा के चौथे दिन कथा वाचक गिरधर गोपाल शास्त्री ने भक्त ध्रुव और सती की प्रेरणादायक कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनाते हुए उन्होंने ध्रुव के अटूट भक्ति भाव और सती के त्याग व पवित्रता की कहानी को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि कैसे बालक ध्रुव ने अपनी भक्ति से भगवान विष्णु को प्रसन्न किया और ध्रुव तारा बन अमर हो गए। वहीं सती की कथा ने उनके पति भगवान शिव के प्रति समर्पण और उनके बलिदान ने पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। शास्त्री ने कहा इस तरह के धार्मिक कार्यक्रमों से जीवन में भक्ति धैर्य की प्रेरणा मिलती है। इस तरह के कार्यक्रम अधिक से अधिक आयोजित किए जाने चाहिए ताकि लोग भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़े रहें।