करवाचौथ पर सरगी के तौर पर फेनी का सेवन करना सुहागिन महिला को महंगा पड़ गया। महिला सहित उसके तीन बच्चों ने भी फेनी की सेवन किया। सभी की हालत बिगड़ गई। उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर जब हालात नाजुक होने लगे तो चाराें को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चारों की हालत में सुधार बताया जाता है।
जिला अस्पताल में उपचाराधीन तीस वर्षीय नीलम देवी, दस वर्षीय बेटी पिंकी, सात वर्षीय बेटा बलविंदर और पांच वर्षीय बेटी प्रिया सभी निवासी मंगलूर अस्पताल पहुंचाए जाने पर गंभीर हालत में थे। उन्हाेंने बताया कि करवाचौथ पर उन्हाेंने सुबह फेनी की सेवन कर लिया। दूध में मिलाकर फेनी चूंकि बच्चों की भी पसंदीदा होती है।
लिहाजा सभी बच्चों ने फेनी का सेवन कर लिया। इसके कुछ देर के बाद ही सेवन करने वाले चारों सदस्यों की हालत बिगड़ने लगी। पहले तो कुछ समझ नहीं आया। देखते ही देखते उल्टियां शुरू हो गईं। परिवार के सदस्यों ने बिना देरी किए महिला और तीनों बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया।
यहां पर पहुंचते ही प्राथमिक उपचार की कवायद शुरू हो गई। इलाज के समय परिजन बुरी तरह से डरे हुए थे लेकिन उपचार का असर दिखने पर सभी की हालत में सुधार होने लगा। उधर फेनी के सेवन से एक ही परिवार के चार सदस्याें की हालत बिगड़ने की खबर से मंगलूर में हड़कंप मच गया। करवाचौथ व्रत पर फेनी बेहद पसंदीदा व्यंजन है, जिसकी खपत भी बड़े पैमाने पर होती है।