कठुआ। जिले में हर साल ब्रेन ट्यूमर के दो-तीन मामले सामने आ रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत के बराबर हैं। इनमें से अधिकतर रोगी 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष होते हैं। रोग की जल्द पहचान से निदान की राह आसान होती है।
जीएमसी में केवल कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए सर्जरी और रेडियोथेरेपी के लिए मरीजों को जीएमसी जम्मू या एम्स विजयपुर रेफर किया जाता है। ऐसे में जिले में ब्रेन ट्यूमर के मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत बढ़ रही है।
जीएमसी के ऑन्कोलॉजी विभाग में तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉ. पवन भगत ने बताया कि सिरदर्द, उल्टी, दृष्टि समस्या और मानसिक परिवर्तन ब्रेन ट्यूमर के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं।
सुबह सिरदर्द और उल्टी महसूस होना आम संकेत हो सकता है। कुछ मरीजों में चलने, बोलने और इंद्रियबोध में परेशानी जैसी विशेष समस्याएं भी हो सकतीं हैं। उन्होंने बताया कि मरीज के पारिवारिक इतिहास और बार-बार एक्स-रे कराने से ब्रेन ट्यूमर का जोखिम बढ़ सकता है।
इसके निदान के लिए इस रोग की जल्दी पहचान को महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. पवन ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। सिरदर्द, उल्टी, दृष्टि समस्याएं और मानसिक परिवर्तन जैसे संकेतों पर तुरंत चिकित्सीय जांच करानी चाहिए। यदि मरीज को जल्द उपचार मिल जाए, तो बेहतर परिणाम संभव है। डॉ. पवन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के परिवार में ब्रेन ट्यूमर का इतिहास है, तो नियमित जांच कराना जरूरी है। जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव और स्वस्थ आहार भी जोखिम को कम कर सकते हैं।