उपजिले में खनन सामग्री को लेकर हो रही दिक्कतों का जल्द समाधान होने की उम्मीद है। बुधवार को जिला खनन अधिकारी बोध राज ने एडीसी बसोहली तिलक राज के साथ तीन माइनिंग ब्लाक का जायजा लिया है। यहां आने वाले समय में माइनिंग लीज करवाकर वैध खनन की अनुमति मिलने की उम्मीद जग गई है।
वैध तरीके से खनन के बाद लोगों को तय दाम में जहां खनन सामग्री मिल पाएगी, वहीं सरकार को राजस्व भी हासिल होगा। जिला खनन अधिकारी ने जिला विकास परिषद के अध्यक्ष महान सिंह, एडीसी बसोहली तिलक राज थापा, थाना प्रभारी सिकंदर सिंह चौहान, रेवेन्यू विभाग की टीम, वन विभाग के डीएफओ रविंद्र सिंह, डैम अधिकारी बीडीसी चेयरमैन सुषमा जमबाल, शंकर सिंह के साथ निरीक्षण किया।
इन स्थानों को चिन्हित कर यहां माइनिंग ब्लॉक बनाने की योजना चल रही है। डीडीसी अध्यक्ष महान सिंह ने बताया कि पला के समक्ष डाली के कलवरट के ऊपर और सलो गांव के साथ तीन वेडिंग ब्लॉक को आई हुई टीमों ने चिन्हित किया। अगले 3 दिन के भीतर माइनिंग ब्लाक बनाने वाले स्थानों से संबधित जानकारी एकत्रित कर फाइल उच्चाधिकारियों को भेजने को कहा। अधिकारियों के इस दौरे से माइनिंग ब्लॉक बनने की उम्मीद जगी है।
जिला विकास परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि लंबे समय से माइनिंग ब्लॉक बनाने की मांग क्षेत्र के प्रतिनिधियों लोगों द्वारा की जा रही है, जिसके लिए निरंतर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी है। एलजी मनोज सिन्हा से इस बारे में बात की गई थी, जिसके बाद चीफ सेक्रेट्री, डिवकाम, केंद्रीय मंत्री, डीसी कठुआ और अन्य अधिकारियों द्वारा टीमों का गठन किया गया। अधिकारियों ने यह फैसला लिया कि शीतलनगर ब्लाक में कुल तीन माइनिंग ब्लॉक बनाए जाने हैं।
जिले में बनाए जाने हैं पांच माइनिंग ब्लॉक
माइनिंग ब्लॉक बनने से यहां लोगों को फायदा होगा वही इन्हें पंचायतों के सपुर्द कर दिया जाएगा। माइनिंग की रॉयल्टी भी पंचायतों में जमा होगी। पूरे जिले में पांच माइनिंग ब्लॉक बनाए जाने हैं, जिनमें से तीन ब्लॉक सांधर पंचायत के डाली में ही बनेंगे। इस मौके पर भारी संख्या में सांधर व अन्य पंचायतों के लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने अधिकारियों को बताया कि माइनिंग बंद होने के बाद माइनिंग से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। लोगों को भी निर्माण कार्य के लिए निर्माण सामग्री बाहर से महंगे दामों पर मंगवानी पड़ रही है।