संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। नए साल के आगाज के साथ ही जिले में नए स्टांप ड्यूटी रेट प्रभावी हो गए हैं। जिला वैल्यूएशन बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राकेश मिन्हास ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर नए रेट प्रभावी कर दिया है। इससे पहले मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इन रेट को मंजूरी दी थी।
जिले में इस बार अधिकतम दस फीसदी तक दाम बढ़ाए गए हैं। कठुआ में स्टांप ड्यूटी रेट की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी औद्योगिक विकसित, विकसित हो रहे और इससे सटे क्षेत्रों में की गई है। दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे से सटे ग्रामीण इलाकों में भी दस फीसदी तक बढ़त देखने को मिली है। खास तौर से जिन इलाकों में हाल फिलहाल में बड़े पैमाने पर जमीनों को कृषि से व्यवसायिक में तब्दील करते हुए सीएलयू किए गए हैं, उन इलाकों में दाम ज्यादा बढ़ाए गए हैं।
तरफ मंझली, तरफ भजवाल, भागथली, मखसूसपुर, जराई, सैंपर सपला, माजरा, गंडियाल, रामनगर, चक खूनी, चक राम सिंह, चक गोटा, चक गोसाईं, बरवाल, उत्तरी, चक चढून, लोगेट, सहार, चक राम चंद, फोर लेन, नन्नन, पंदराड, मेरथ, कालना के अलावा बुद्धि, नगरोटा, पल्ली में दस प्रतिशत तक स्टांप डयूटी रेट इस साल बढ़ा दिए गए हैं। इसके अलावा, छटयाल, नारायणपुर, जखबड़, शेरपुर, चनग्रां, बडाला, चक दराब खां, चक गदाधर, चक सज्जन, बन्न, ठाठ, सेहस्वां, बलाड़, कोटपुन्न, डोलियां जट़्टा, चक धोता, सलालपुर, निहालपुर, खंदवाल, चक वजीर लब्जू, कट्टल ब्राह्मणा, सुक्खूचक में दस प्रतिशत तक दाम बढ़ाए गए हैं। उधर, औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिन्हित क्षेत्रों में भी दस फीसदी तक स्टांप ड्यूटी रेट बढ़ाकर लागू कर दिए गए हैं।
बसोहली निकाय में दस, परोल में सात फीसदी तक बढ़ी स्टांप ड्यूटी
कठुआ नगर परिषद, लखनपुर, हीरानगर, बिलावर कमेटी में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी
निकायों में भी जिला प्रशासन की ओर से जमीन के नए दाम निर्धारित कर लागू कर दिए गए हैं। कठुआ नगर परिषद के साथ साथ लखनपुर, हीरानगर, बिलावर निकायों में जमीन के दाम पांच फीसदी तक बढ़े हैं। वहीं बसोहली के कुछ वार्ड में दस तो परोल में सात प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। प्रशासन की ओर से सभी निकायों में वार्ड और मोहल्लावार नई दर की सूची जारी की गई है। दूरदराज बनी इलाके में सड़क संपर्क तैयार होने और अन्य क्षेत्रों में शहरीकरण, विकास गतिविधियां आदि क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए रेट बढ़ाए गए हैं। रेट बढ़ाने का नियम रजिस्ट्री, भूमि अधिग्रहण और संपत्ति के मूल्यांकन में भी किया जाएगा। सब डिवीजन मूल्यांकन समिति की ओर से नए रेट बनाकर जिला मूल्यांकन समिति को भेजे गए थे। इसमें जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी की सिफारिशों को डिवीजनल इवेल्यूएशन कमेटी को भेजा गया था।