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Kathua News: तैयार हो रहा मास्टर प्लान, संवरेगा शहर

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केंद्र की अमृत 2.0 योजना से मिलेगी कठुआ विकास प्राधिकरण को संजीवनी
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पहले 41 गांव को शामिल करने की थी योजना, अब दायरा और बढ़ने की संभावना
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के अमृत सेंटर फॉर अर्बन प्लानिंग की मदद से आवासीय और शहरी विकास विभाग तैयार कर रहा परियोजना

संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के समग्र और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक बार फिर से कवायद शुरू हो गई है। 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कठुआ के मास्टर प्लान को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। पहले तैयार की गई योजना सरकार की मंजूरी के अभाव में वर्षों तक फाइलों में ही दबी रही। अब केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत कठुआ विकास प्राधिकरण को नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में फंड्स का भी अभाव नहीं होगा। परियोजना को तय समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा।
गुरुनानक देव विश्वविद्यालय के अमृत सेंटर फॉर अर्बन प्लानिंग की मदद से मिशन निदेशक अमृत 2.0 और आवासीय और शहरी विकास विभाग इस परियोजना को नए सिरे से तैयार कर रहा है। इसके अंतर्गत शहर के विस्तार और व्यवस्थित विकास के लिए समयबद्ध काम किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाकायदा नगर परिषद और राजस्व विभाग के जीआईएस आधारित और स्थानीय डाटा भी सौंपा जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, इसकी ग्राउंड स्तर पर समीक्षा भी की जा चुकी है।
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आने वाले समय में नए गांव भी नोटिफाई किए जाएंगे, जो नगर परिषद कठुआ की हद से बाहर होकर भी कठुआ शहर का हिस्सा बन जाएंगे। वर्ष 2011 के अनुरूप जहां शहर की आबादी 60 हजार थी, वहीं इसके अगले दो दशक में पौने दो लाख के लगभग होने का अनुमान है। नगर परिषद के अतिरिक्त गांवों को शुमार कर बनाए गए नए कठुआ की आबादी वर्ष 2042 तक सवा दो लाख होने का अनुमान है। ऐसे में शहर की जरूरतें भी बढ़ेंगी और अव्यवस्थित होने से दिक्कतें भी।


मास्टर प्लान से शहरी इलाके को मिलेंगी ये सुविधाएं

ग्रेटर कठुआ या शहरी क्षेत्र को मिलाकर बन रहे नए कठुआ में रिहायशी इलाके को अलग से चिह्नित किया जाएगा। कृषि सिंचाई क्षेत्र को रिहायशी इलाके के रूप में विकसित न कर, इसके लिए विशेष क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। कठुआ के मास्टर प्लान में शहर के आसपास हरियाली को बढ़ावा देकर भूमि कटाव रोकने की भी योजना मास्टर प्लान में शामिल है। शहर के खड्डों के किनारे पार्क के रूप में विकसित किए जाने की योजना शामिल की जाएगी। उधर, मास्टर प्लान में औद्योगिक क्षेत्र को भी कई नई जगह पर चिह्नित कर विकसित करने की योजना बनाई गई है। पिछले चार साल में विकसित नए औद्योगिक क्षेत्रों के अनुरूप इसकी पहचान की जा सकेगी।



जल्द शुरू होने जा रही सर्वेक्षण की प्रक्रिया
कठुआ। शहर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान के तहत ड्राफ्ट लोकल एरिया प्लान तैयार करने की रूपरेखा पर चर्चा के दौरान हितधारकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें विधायक कठुआ डॉ. भारत भूषण, विधायक जसरोटा राजीव जसरोटिया, उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त महिमा मदान, मुख्य योजना अधिकारी रंजीत ठाकुर, संबंधित जिला अधिकारी तथा व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर के सेंटर ऑफ अर्बन प्लानिंग की परियोजना समन्वयक की प्रतिनिधि सहायक प्रोफेसर डॉ. साक्षी ने वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुति दी। उन्होंने विस्तृत पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से परियोजना का रोडमैप साझा किया और लोकल एरिया प्लान के प्रमुख मानकों पर प्रकाश डाला। प्रस्तुति में योजनाबद्ध शहरी विकास, पर्यावरणीय स्थिरता, जीवन स्तर में सुधार, आर्थिक समृद्धि तथा कुशल अधोसंरचना व जन सेवाओं के विकास पर बल दिया गया।
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बैठक में बताया गया कि कठुआ नगर व इसके आसपास के क्षेत्र निर्धारित मानकों के आधार पर अंतिम मास्टर प्लान में शामिल किए जाएंगे। इसके लिए शीघ्र ही व्यापक सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अवसर पर कठुआ के विधायक डॉ. भारत भूषण ने शहरी चुनौतियों को योजना में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बाढ़ की संवेदनशीलता, कठुआ खड्ड का चैनलाइजेशन, अतिरिक्त पार्किंग स्थलों का निर्माण, मुख्य बाजार को जाम मुक्त करने, रेहड़ी-फड़ी वालों का पुनर्वास तथा उचित ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना जैसे मुद्दे उठाए। विधायक राजीव जसरोटिया ने कठुआ नगर से सटे क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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