भड्डू गांव के शिव मंदिर में जारी श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन लोगों को प्रवचन सुनती कथ
भड्डू गांव के शिव मंदिर में जारी श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का दूसरा दिन
बिलावर। भड्डू गांव के शिव मंदिर में जारी श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने पंडाल में पहुंचकर कथा का श्रवण किया। कथा वाचक साध्वी राजेश्वरी ने श्रद्धालुओं को बताया कि यदि मनुष्य को आंतरिक शक्ति की तलाश है तो वह अपने कर्तव्य धर्म के द्वार सदा ही शुभ कर्मों में मन लगाने की चेष्टा करें ।
पालनहार प्रभु की याद के लिए प्रतिदिन कुछ समय निकालकर प्रभु का स्मरण करना चाहिए ऐसा करने से पाप रूपी संसार स्वता हा ही नष्ट हो जाएगा। कथावाचक ने कहा कि जिस व्यक्ति के पास सुख-सुविधा के बहुत साधन हों उसका मन शांत नहीं हो तो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता और जिसे मन में शांति है उसे बहुत कुछ की जरूरत नहीं होती है। सद्गुणी व्यक्ति वही है जो अपने मन को शांत रखता है अगर मन शांत है तो कोई भी अवगुण प्राणी के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता। मन के शांत होने का अर्थ है इच्छाओं का समाप्त हो जाना। जब इच्छाएं पूरी तरह से समाप्त हो जाती हैं तो मनुष्य, मनुष्य नहीं बल्कि महान संत समरूप हो जाता है। कथा के दूसरे दिन भडडू में आसपास के इलाकों से कई लोगों ने आकर प्रवचन सुने। आरती के साथ कथा का समापन किया गया।