बनी मेले के अंतिम दिन उमड़ा लोगों का हुजूम।संवाद
लोक संस्कृतियों की अमिट छाप छोड़ गया बनी मेला, दंगल मुकाबलों के साथ समापन
कठुआ। डोगरी, हिमाचली, पंजाबी और भद्रवाही लोक गीतों की तान छिड़ी तो जिले के दूर दराज बनी सब डिवीजन में मेले को भी चार चांद लग गए। बनी का ऐतिहासिक छिंज और सांस्कृतिक मेला देखने के लिए इस बार हजारों की तादाद में लोग पहुंचे। लोक संस्कृतियों की अमिट छाप छोड़ता यह मेला दंगल के महामुकाबलों के साथ ही शुक्रवार को संपन्न हो गया।
शुक्रवार को मेले के आखिरी दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विधायक डॉ रामेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मेले का आगाज वन विभाग के विश्रामगृह से मेला मैदान तक ढोल की अगुवाई में पहुंचे मुख्य अतिथियों ने किया। इसके बाद लोक कलाकारों ने एक-एक कर दर्शकों का मनोरंजन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमाचल के युवा और लोक प्रसिद्ध गायक पायल सूर्यवंशी और चमन सोनी ने पहाड़ी धुनें छेड़कर लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। वहीं, स्थानीय गायक जमाल दीन ने गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। लोक कलाकारों ने गद्दी कुड लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। मेला मैदान में पांव रखने की जगह नहीं थी। वहीं, आसपास के घरों की छत पर से लोग मेले का लुत्फ लेते नजर आए। मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। विधायक ने कहा कि आने वाले वर्षों में इस मेले को और भी भव्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रूप में आयोजित किया जाएगा।