हीरानगर। अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। कम वोल्टेज के कारण बिजली से चलने वाले बहुत से उपकरण काम करना बंद कर गए हैं। जिन लोगों का व्यापार इस पर निर्भर है, वह भी ठप हो रहे हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण खेतों में लगे मोटर पंप भी बंद पड़े हैं। लेकिन इन सब समस्याओं को लेकर विद्युत विभाग गंभीर नहीं दिखाई पड़ रहा।
किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि पहले ही किसान बारिश न होने के कारण परेशान हैं। ऐसे में विद्युत विभाग की अनदेखी जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। दिन रात अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। कुछ घंटे बिजली मिलती है तो कम वोल्टेज के कारण खेतों में लगी मोटरें काम नहीं करती हैं। मोटे बिल भरने के बावजूद भी खेतों में लगी मोटरें शोपीस बनकर रह गई हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कब तक किसानों की इसी तरह से अनदेखी की जाती रहेगी? किसानों के आर्थिक हालात पहले ही बेहद कमजोर हैं। राकेश शर्मा ने कहा कि मोटर का कनेक्शन होने के बावजूद यह बंद पड़ी है। कम वोल्टेज पर मोटर चलती ही नहीं। और, अगर जबरदस्ती कर चलाया जाए तो इसके खराब होने का डर बना रहता है। विभाग की लापरवाही के चलते इस बार धान की फसल समय पर नहीं लग पाई हैं। पर्याप्त पानी न मिलने के कारण पनीरी भी पीली पड़ना शुरू हो गई है।
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कम वोल्टेज का सबसे बड़ा कारण है बिजली चोरी
पर्याप्त बिजली न मिलने का सबसे बड़ा कारण बिजली चोरी है। जिसे रोकने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। खेतों में अवैध ढंग से लगी मोटरों के कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। लेकिन, कुछ लोग कनेक्शन लेने की बजाय फिर से नई तार लेकर बिजली चोरी करना शुरू कर देते हैं। इससे ओवरलोडिंग की समस्या पैदा होती है। नतीजतन, लोगों को कम वोल्टेज का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए लोगों को भी खुद आगे आकर सहयोग करना होगा। बिजली का कनेक्शन लेकर सही ढंग से इसका इस्तेमाल करें।
-यश पाल शर्मा, जेईई, हीरानगर