व्याख्यान से विद्यार्थियों को साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) कठुआ की ओर से कंप्यूटर इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए व्याख्यान का आयोजन किया गया। वीरवार को आयोजित व्याख्यान में विद्यार्थियों को साइबर अपराध के साथ साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के बारे में जानकारी साझा की गई।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान की सहायक प्रो. डॉ. पलक महाजन और डॉ. भावना अरोड़ा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि साइबर अपराध की मानव जाति के जीवन में घुसपैठ से न केवल हमारी गोपनीयता बल्कि समग्र कल्याण के लिए चुनौतियां पैदा हो गई हैं। इससे निपटने की जरूरत है, ताकि समाज और राष्ट्र के विकास में साइबर स्पेस का उपयोग हो सके।
वहीं, डॉ. पलक ने अपने व्याख्यान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर कहा कि हम उद्योग 5.0 के संदर्भ में तकनीकी विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं, जो मशीन लर्निंग के विभिन्न मोर्चों के द्वार खोल रहा है। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी मानव व्यवहार पर प्रभाव डाल रहा है। कहा कि विकास के साथ तालमेल रखने के लिए क्षमता निर्माण और शोध की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को एआई के तात्कालिक सुधारों के बारे में अपडेट रहने की जरूरत है जो मानव बुद्धिमत्ता के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम में परिसर रेक्टर प्रो. अरविंद जसरोटिया और यूआईईटी के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. रॉकी गुप्ता के संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस मौके पर सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पंकज खजूरिया, इंजीनियर अर्चना सलारिया, इंजीनियर रक्षित खजूरिया, इंजीनियर पुनीत कौर सहित विद्यार्थी और संकाय सदस्य मौजूद रहे।