वकीलों ने रोजमर्रा के मामलों की सुनवाई से बनाकर रखी दूरी
कठुआ। किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) सहित एएलसी और उपभोक्ता फोरम के प्रस्तावित स्थानांतरण के खिलाफ वकीलों की हड़ताल लगातार जारी है। मंगलवार को भी अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के भीतर सभी न्यायालयों के कामकाज को
ठप रखा।
अतिआवश्यक मामलों में इक्का -दुक्का वकीलों की उपस्थिति न्यायालयों में देखी गई, जबकि रोजमर्रा के मामलों की सुनवाई से वकीलों दूरी बना कर रखी है जो आगामी 16 जुलाई तक जारी रहेगी।
बता दें कि वकीलों की हड़ताल बीते 28 जून से लगातार जारी है। जिसे बीते सोमवार को नवनियुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने नोटिस जारी कर आगामी 16 जुलाई तक हड़ताल को बढ़ा दिया है। कोर्ट परिसर कठुआ स्थित बैठने वाले वकील लगातार मांग कर रहे है कि जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित तीन कोर्टों को शहर से बाहर स्थानांतरण निर्णय को रद्द कर दे।
हड़ताली वकीलों का मांग है कि सभी कोर्ट जिला कोर्ट परिसर के आसपास ही स्थापित रहने चाहिए। दरअसल, जिला प्रशासन निजी इमारत में चल रहे किशोर न्याय बोर्ड को नगरी स्थित आबकारी विभाग की खाली पड़ी इमारत में शिफ्ट करना चाहते थे।
यह शहर से और जिला कोर्ट परिसर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर है। हड़ताली वकीलों का कहना है कि जिला कठुआ का क्षेत्रफल बहुत ज्यादा है।
इसके चलते बनी, बसोहली और बिलावर के दूरदराज के इलाकों से किशोर न्याय बोर्ड में आने वाले फरियादियों को 200 किलोमीटर का सफर तय कर पहले जिला मुख्यालय तक आना होगा और उसके बाद उन्हें 15 किलोमीटर दूर नगरी स्थित न्याय बोर्ड जाना होगा।
इससे न केवल फरियादियों की समय की बर्बादी होगी, बल्कि उन पर वित्त बोझ भी बढ़ेगा। लिहाजा किशोर न्याय बोर्ड सहित
अन्य कोर्टों को शहर में ही
रहने चाहिए।