मुख्य कस्बे से निकले भारी वाहन, टोल वसूली के लिए लगाए गए धर्मकांटे भी फेल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों को लेकर एक ओर सरकार और प्रशासन जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार पर इंतजामों को अमलीजामा पहना रहे हैं। वहीं दूसरी व्यवस्था पानी-पानी हो
रही है।
शुक्रवार सुबह हुई हल्की बारिश से प्रवेशद्वार जगह-जगह जलमग्न हो गया। जलभराव के कारण टोल वसूली के लिए लगाए गए धर्मकांटे भी फेल हो गए। प्रदेश के बाहर से आने वाले भारी वाहनों को बाहरी कस्बे से होकर गुजरना पड़ा।
वहीं, यात्री वाहनों के लिए बनाया गया मार्ग तालाब में तब्दील हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी हाईवे अथॉरिटी की ओर से स्थापित धर्मकांटे फेल होने से आई। इससे वहां ट्रकों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद ट्रकों को मुख्य कस्बे से निकाला गया।
ऐसे में गलत दिशा से आने वाले भारी-भरकम ट्रक दिन भर आने जाने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने रहे। हालांकि प्रतिदिन करीब दो हजार के आसपास ट्रकों को निकालने के लिए की गई इस व्यवस्था के बाद गनीमत रही कि कोई दुर्घटना नहीं हुई। वहीं, यात्री वाहनों को निकालने वाली सड़क भी तालाब बनी रही।
इससे वहां से निकलने वाले वाहनों काे परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा आसपास रेहड़ी और खोखे चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों का कारोबार ठप हो गया।
हाईवे पर फैली ऐसी अव्यवस्था के लिए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सन्नी शर्मा ने हाईवे अथॉरिटी की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिस सड़क पर चलने के लिए वाहनों से उनकी खरीद पर, पंजीकरण पर, ईधन भरवाने पर और हाईवे पर चलने के नाम पर टोल वसूला जाता है। उन्हीं वाहनों को अगर ऐसी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है तो सीधे तौर पर अथाॅरिटी की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह है।
उन्होंने डीसी कठुआ से इस समस्या का निदान करने के लिए कदम उठाने की मांग की।